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Shimla News: मालरोड पर ढकीं सोलर लाइटें, उपनगरों के लिए फैसला आज
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ब्लैकआउट की तैयारियों को लेकर निगम ने दिए थे शहर में 2500 सोलर स्ट्रीट लाइटें ढकने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारत-पाकिस्तान में सीजफायर के बाद अब राजधानी में लगी सोलर स्ट्रीट लाइटें ढकनी हैं या नहीं, इस पर रविवार को फैसला लिया जाएगा। इससे पहले शनिवार सुबह नगर निगम ने ब्लैकआउट जैसी स्थिति के लिए शहरभर में लगी सभी 2500 सोलर स्ट्रीट लाइटें ढकने का फैसला लिया था।
बाकायदा तीन टीमें बनाकर शहर के मालरोड से इसका काम भी शुरू कर दिया था। कपड़े से ये लाइटें ढकी जा रही थीं। इसके बाद उपनगरों में भी सोलर स्ट्रीट लाइटों को ढकने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि, अब संघर्ष विराम के बाद ये लाइटें ढकनी हैं या नहीं, इस पर रविवार को चर्चा होगी। नगर निगम के अनुसार शहर में 10 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इनमें करीब 2500 सोलर स्ट्रीट लाइटें हैं। ब्लैकआउट घोषित होने पर बिजली लाइनों से जुड़ी एलईडी स्ट्रीट लाइटों को तो तुरंत बंद किया जा सकता है, लेकिन सोलर लाइटों को एकसाथ बंद करने का कोई प्रावधान नहीं है। इन्हें एक-एक कर बंद करना होगा। लाइटें खराब न हों, इसके लिए इनकी बैटरी से छेड़छाड़ नहीं कर सकते। इसलिए सिर्फ लाइट को ही कपड़े से ढका जा रहा है।
पार्षद भी उठा चुके थे मांग
नगर निगम के कई पार्षदों ने भी सोलर स्ट्रीट लाइटों को बंद करने की मांग निगम प्रशासन के समक्ष उठाई थी। पार्षद सिमी नंदा, कमलेश मेहता, निशा ठाकुर, पूर्व पार्षद किरण बावा, राकेश शर्मा का कहना है कि हालात सामान्य होने तक इन लाइटों को बंद कर देना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारत-पाकिस्तान में सीजफायर के बाद अब राजधानी में लगी सोलर स्ट्रीट लाइटें ढकनी हैं या नहीं, इस पर रविवार को फैसला लिया जाएगा। इससे पहले शनिवार सुबह नगर निगम ने ब्लैकआउट जैसी स्थिति के लिए शहरभर में लगी सभी 2500 सोलर स्ट्रीट लाइटें ढकने का फैसला लिया था।
बाकायदा तीन टीमें बनाकर शहर के मालरोड से इसका काम भी शुरू कर दिया था। कपड़े से ये लाइटें ढकी जा रही थीं। इसके बाद उपनगरों में भी सोलर स्ट्रीट लाइटों को ढकने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि, अब संघर्ष विराम के बाद ये लाइटें ढकनी हैं या नहीं, इस पर रविवार को चर्चा होगी। नगर निगम के अनुसार शहर में 10 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इनमें करीब 2500 सोलर स्ट्रीट लाइटें हैं। ब्लैकआउट घोषित होने पर बिजली लाइनों से जुड़ी एलईडी स्ट्रीट लाइटों को तो तुरंत बंद किया जा सकता है, लेकिन सोलर लाइटों को एकसाथ बंद करने का कोई प्रावधान नहीं है। इन्हें एक-एक कर बंद करना होगा। लाइटें खराब न हों, इसके लिए इनकी बैटरी से छेड़छाड़ नहीं कर सकते। इसलिए सिर्फ लाइट को ही कपड़े से ढका जा रहा है।
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पार्षद भी उठा चुके थे मांग
नगर निगम के कई पार्षदों ने भी सोलर स्ट्रीट लाइटों को बंद करने की मांग निगम प्रशासन के समक्ष उठाई थी। पार्षद सिमी नंदा, कमलेश मेहता, निशा ठाकुर, पूर्व पार्षद किरण बावा, राकेश शर्मा का कहना है कि हालात सामान्य होने तक इन लाइटों को बंद कर देना चाहिए।
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