{"_id":"6558c06f8f85c1976e0289e4","slug":"state-library-women-workers-upset-due-to-non-change-of-timetable-shimla-news-c-19-sml1001-261596-2023-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: समयसारिणी न बदलने से राज्य \nपुस्तकालय महिला कर्मी परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: समयसारिणी न बदलने से राज्य पुस्तकालय महिला कर्मी परेशान
विज्ञापन
रात को अकेले पैदल घर जाने को हैं मजबूर
जंगलों से सटे रास्तों में तेंदुए के हमले का है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राज्य पुस्तकालय शिमला की तीनों शाखाओं गांधी भवन, रिज भवन और आंबेेडकर भवन में शीत ऋतु की समयसारिणी अभी तक लागू नहीं हुई है। ऐसे में ठंड होने के बावजूद महिला कर्मचारियों को सुबह सात बजे लाइब्रेरी खोलनी पड़ रही है।
रात को लाइब्रेरी बंद करने का समय भी आठ बजे हैं। शहर के कई रास्ते जंगलों से होकर जाते हैं जहां अक्सर तेंदुए का भी खतरा रहता है। इसके अलावा महिला कर्मचारियों को घर तक छोड़ने के लिए वाहनों की सुविधा भी मुहैया नहीं करवाई गई है। राज्य पुस्तकालय में सर्दियों के समय आठ साल से एक अक्तूबर से 31 मार्च तक पुस्तकालय खुलने का समय सुबह 8:30 से शाम 6:30 बजे तक होता था। गर्मियों के समय 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह 7:00 से रात 8:00 बजे तक पुस्तकालय खुला रहता है लेकिन इस बार नवंबर का आधा माह बीतने के बाद भी गर्मियों की समयसारिणी के मुताबिक ही पुस्तकालय खुल रहा है।पुस्तकालयों को अभी सुबह 7 बजे महिला कर्मचारी (सेवादार) ही खोल रही हैं। हालांकि विभाग की ओर से महिला कर्मचारी के लिए सुबह 8:30 से शाम 6:30 बजे तक ही अपनी सेवाएं देने के आदेश दिए हैं।
भीमराव आंबेडकर पुस्तकालय चौड़ा मैदान के इंचार्ज गोपाल ठाकुर ने बताया कि पुस्तकालय में ज्यादातर महिला कर्मचारी हैं। पुरुष कर्मचारी (सेवादार) केवल तीन ही हैं जो एक समय पुस्तकालय को बंद कर रहे हैं। सर्दियों में सुबह 7:00 बजे और रात 8:00 बजे बसों की सुविधा न होने के कारण महिलाओं का पुस्तकालय तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। बताया कि पुस्तकालय की ओर से उच्च शिक्षा निदेशक को शीत ऋतु की समयसारिणी लागू करने के लिए पत्र भेजे हैं लेकिन वहां से अभी तक कोई भी जवाब नहीं आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जंगलों से सटे रास्तों में तेंदुए के हमले का है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राज्य पुस्तकालय शिमला की तीनों शाखाओं गांधी भवन, रिज भवन और आंबेेडकर भवन में शीत ऋतु की समयसारिणी अभी तक लागू नहीं हुई है। ऐसे में ठंड होने के बावजूद महिला कर्मचारियों को सुबह सात बजे लाइब्रेरी खोलनी पड़ रही है।
रात को लाइब्रेरी बंद करने का समय भी आठ बजे हैं। शहर के कई रास्ते जंगलों से होकर जाते हैं जहां अक्सर तेंदुए का भी खतरा रहता है। इसके अलावा महिला कर्मचारियों को घर तक छोड़ने के लिए वाहनों की सुविधा भी मुहैया नहीं करवाई गई है। राज्य पुस्तकालय में सर्दियों के समय आठ साल से एक अक्तूबर से 31 मार्च तक पुस्तकालय खुलने का समय सुबह 8:30 से शाम 6:30 बजे तक होता था। गर्मियों के समय 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह 7:00 से रात 8:00 बजे तक पुस्तकालय खुला रहता है लेकिन इस बार नवंबर का आधा माह बीतने के बाद भी गर्मियों की समयसारिणी के मुताबिक ही पुस्तकालय खुल रहा है।पुस्तकालयों को अभी सुबह 7 बजे महिला कर्मचारी (सेवादार) ही खोल रही हैं। हालांकि विभाग की ओर से महिला कर्मचारी के लिए सुबह 8:30 से शाम 6:30 बजे तक ही अपनी सेवाएं देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
भीमराव आंबेडकर पुस्तकालय चौड़ा मैदान के इंचार्ज गोपाल ठाकुर ने बताया कि पुस्तकालय में ज्यादातर महिला कर्मचारी हैं। पुरुष कर्मचारी (सेवादार) केवल तीन ही हैं जो एक समय पुस्तकालय को बंद कर रहे हैं। सर्दियों में सुबह 7:00 बजे और रात 8:00 बजे बसों की सुविधा न होने के कारण महिलाओं का पुस्तकालय तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। बताया कि पुस्तकालय की ओर से उच्च शिक्षा निदेशक को शीत ऋतु की समयसारिणी लागू करने के लिए पत्र भेजे हैं लेकिन वहां से अभी तक कोई भी जवाब नहीं आया है।
विज्ञापन