ब्यास में एक और छात्र का शव मिला
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ब्यास नदी में बहे इंजीनियरिंग कॉलेज के लापता छात्रों की तलाश मंगलवार को नई उम्मीद के साथ एक बार फिर शुरू की गई। बचाव दलों को पहली सफलता सुबह मिली जब घटना स्थल से करीब 150 मीटर दूरी पर पत्थरों के नीचे एक छात्र का शव बरामद किया गया।
छात्र की शिनाख्त देवाशिष बोस के तौर पर हुई है। वहीं, हादसे में सुरक्षित सभी छात्र हैदराबाद पहुंच गए हैं। उधर, बचाव दलों के 550 जवान अभी भी लापता छात्रों की तलाश में जुटे हैं।
इससे पहले निकाले गए शवों में अकुला विजेठा, बनोठु रामबाबू, गम्पाला ऐश्वर्या और लक्ष्मी गायत्री के श्ाव शामिल हैं।
हाईकोर्ट ने सरकार को भेजा नोटिस
उधर, प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर कारण बताने को कहा है। कोर्ट ने इस मामले में खुद संज्ञान लेते हुए सरकार से पानी छोड़ने को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
बताया जा रहा है कि विद्युत बोर्ड ने जब डैम से अतिरिक्त पानी छोड़ा था तब इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी नहीं दी गई। इसके अलावा यह भी ध्यान नहीं दिया गया कि टूरिस्ट सीजन में अक्सर सैलानी नदी किनारे सैर करने आते हैं।
अब तक की जांच में प्रोजेक्ट के बड़े अफसरों की लापरवाही सामने आ रही है। दो इंजीनियरों को तो सस्पेंड भी कर दिया है। अब सरकार को कोर्ट में भी 15 जून तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
20 किलोमीटर के दायरे में ही चलेगा सर्च ऑपरेशन
बचाव दलों के मुताबिक मंगलवार को भी 20 किलोमीटर के दायरे में ही सर्च ऑपरेशन किया जाएगा। इसमें नदी के किनारों में तलाश के साथ साथ पंडोह डैम में तलाशी अभियान चलेगा।
बचाव दलों में एसएसबी, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, अग्निशमन कर्मी, होमगार्ड और राष्ट्रीय आपदा फोर्स सहित स्थानीय पुलिस के कुल 550 जवान संयुक्त अभियान चलाए हुए हैं। बचाव दल के मुताबिक क्योंकि घटना के दिन जब पानी लारजी प्रोजेक्ट से छोड़ा गया तो वह पंडोह में जाकर रूक गया था।
ऐसे में बहे छात्रों का यहां से बाहर जाना मुमकिन नहीं है। पंडोह डैम में बाकायदा गेट में ट्रैप भी लगाया गया है ताकि कोई शव अगर बहकर यहां पहुंचे तो उसका पता लगाया जा सके।
बिना सायरन बजाए कैसे छोड़ा पानी: रामस्वरूप शर्मा
मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि थलौट में ब्यास नदी पर रविवार की शाम को जो हादसा घटा वह दर्दनाक है। घटनास्थल का दौरा करने के बाद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि कहा कि इस घटना से हिमाचल के पर्यटन व्यवसाय को भी धक्का लगा है।
उन्होंने कहा कि बिना सायरन बजाए लारजी डैम से पानी कैसे छोड़ दिया गया। नदी के किनारे सूचना पट्ट क्यों नहीं लगाए यह एक बड़ी नाकामी है। केंद्र सरकार ने राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ और सेना के जवानों को तैनात कर दिया गया है।
रैसक्यू आप्रेशन 24 घंटे लगातार चलाने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से छात्रों के ठहरने और उनके परिजनों के ठहरने व खाने-पीने का पूरा प्रबंध कर दिया गया है तथा निशुल्क टोल फ्री नंबर भी लगा दिए गए हैं। केंद्र सरकार राज्य सरकार से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं तथा किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।