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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Srikhand Mahadev Yatra Kullu Himachal Pradesh 39 Devotees died in Ninteen Years

श्रीखंड महादेव यात्रा: वर्ष 2010 से अब तक 39 श्रद्धालु गंवा चुके जान

Mon, 29 Jul 2019 12:40 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आनी (कुल्लू)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आनी (कुल्लू) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 29 Jul 2019 12:40 PM IST
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Srikhand Mahadev Yatra Kullu Himachal Pradesh 39 Devotees died in Ninteen Years
श्रीखंड महादेव यात्रा - फोटो : फाइल फोटो

देश की सबसे कठिन श्रीखंड यात्रा में इस बार चार श्रद्धालुओं ने अपनी जान गंवा दी। वर्ष 2010 से लेकर अब तक 39 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इस यात्रा के दौरान दर्जनों श्रद्धालु घायल हुए हैं। हालांकि, यहां दम तोड़ने वालों में अधिकांश युवा रहते हैं। वे जल्द से जल्द श्रीखंड की यात्रा पूरी करना चाहते हैं। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी वाले पड़ावों में उन्हें दिक्कत होने लगती है। दूसरा, अस्वस्थ होने पर भी यात्रा करना जोखिम भरा रहता है। 

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श्रीखंड यात्रा पर भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए तीनों यात्री खुशी-खुशी यात्रा पर निकले थे। श्रीखंड महादेव के दर्शन भी कर लिए लेकिन वापस लौटते तीनों को मौत ने अपने आगोश में ले लिया। यात्रा के दौरान लगभग 60 तीर्थयात्रियों को ग्लेशियर की चपेट में आने से बचाया गया है। चार घायलों को पार्वती बाग से बचाया गया।

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Srikhand Mahadev Yatra Kullu Himachal Pradesh 39 Devotees died in Ninteen Years
श्रीखंड महादेव - फोटो : अमर उजाला

इनमें लुधियाना के राजीव, पुणे से विवेक, महाराष्ट्र के बाबा, पुणे से नमलेश पटेल हैं। अहमदाबाद से महिला तीर्थयात्री दिव्यांगनी व्यास को पार्वती बाग से एक किमी ऊपर से निकाला गया। उन्हें ऑक्सीजन की कमी से घुटन हो रही थी।

इस बार मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा पर अस्थायी रोक भी लगाई थी। 2013 में ट्रस्ट के अधीन आने के बाद यात्रा को अब तक 4 बार रोकना पड़ा है। गत वर्ष भी 15 दिनों तक चलने वाली यात्रा 12 दिन के लिए रोक दी गई थी। इस बार भी रोक लगाने के बाद फिर से यात्रा को शुरू किया गया था।

उधर, एसडीएम आनी चेत सिंह ने बताया कि यात्रा को अब पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। 25 जुलाई को जो श्रद्धालु यात्रा पर गए थे वे अब वापस आ रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अब मौसम को देखते हुए यात्रा पर जाने की कोशिश न करें, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

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