हिमाचल में पुलिस कर्मियों की कमी दूर करने को भर्ती होंगे एसपीओ
हिमाचल में पुलिस कर्मियों की कमी दूर करने को एसपीओ की भर्ती होगी। सरकार ने इनकी भर्ती और कामकाज को लेकर नियम अधिसूचित कर दिए हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 के तहत इन नियमों को हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग (विशेष पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति) नियम -2019 नाम दिया गया है।
एसपीओ गश्त, नाकाबंदी, लंबी दूरी की गश्त जैसी ड्यूटी में पुलिस का सहयोग करेंगे। अब एसपीओ की नियुक्ति पुलिस थानावार होगी। केवल संबद्ध पुलिस थाना से संबंधित अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे। पुलिस अधीक्षक एसपीओ की नियुक्ति के लिए अंतिम नियुक्ति प्राधिकारी होंगे।
अब 89 दिन के लिए लगाए जाएंगे एसपीओ
प्रदेश में एसपीओ की भर्ती पांच साल से अधिक अवधि के लिए नहीं होगी। अधिसूचित नियमों के अनुसार शुरुआती दौर में 89 दिन के लिए एसपीओ को लगाया जाएगा और आचरण संतोषजनक रहने पर एक दिन का अंतराल रखकर दोबारा रखा जाएगा। किसी भी एसपीओ को पांच साल से अधिक समय के लिए नहीं रखा जाएगा।
अधिसूचना के अनुसार हर महीने दस तारीख को एसपी एसपीओ की ओर से की गई लंबी दूरी की गश्त के दौरान एकत्रित सूचनाओं पर चर्चा कर उसे एडीजी प्रशिक्षण को भेजेंगे। वर्तमान में प्रदेश के चंबा और लाहौल में करीब चार सौ एसपीओ पुलिस के साथ आंतरिक सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। ये पुलिस के साथ काम करते हैं लेकिन इनकी नियुक्ति के लिए कोई मानक तय नहीं था।
अब मानक तय कर दिए गए हैं। हिमाचल सरकार ने वर्ष 2007 में अपना अधिनियम तो बनाया, मगर उसके बाद नियम नहीं बनाए। पहले जो एसपीओ रखे जाते थे, उनके कोई नियम नहीं थे। पहली बार यह नियम बनाए गए है। नियमोें में चंबा और लाहौल स्पीति का जिक्र नहीं है, ऐसे में यह नियम प्रदेश में अन्य जिलों में भविष्य में एसपीओ की भर्ती की संभावना भी खोल रहे हैं।
18 से 35 साल आयु, दसवीं पास होगी योग्यता
नियुक्ति के लिए कई तरह की शर्तें तय की गई हैं। एसपीओ को वर्तमान में सरकार सात हजार रुपये भत्ता दे रही है। आवेदन के लिए 18 से 35 साल की आयु और दसवीं पास होने की शैक्षणिक शर्त रखी गई है। शारीरिक दक्षता परीक्षा में 800 मीटर दौड़, लंबी कूद, लंबाई, खेल औप सांस्कृतिक क्रियाकलाप, एसपीसीओ और एसएसबी स्वयंसेवक प्रशिक्षण रखने के अलग अलग कुल 35 अंक रखे गए हैं। पांच अंक का साक्षात्कार होगा।