फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Spend 2.5 percent of the cost of the project on the catchment area: Baldi

परियोजना की लागत का 2.5 प्रतिशत कैचमेंट एरिया पर करें खर्च: बाल्दी

Thu, 26 Sep 2019 05:33 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 26 Sep 2019 05:33 PM IST
विज्ञापन
Spend 2.5 percent of the cost of the project on the catchment area: Baldi
फाइल फोटो

मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी की अध्यक्षता में गुरुवार को ऊर्जा और वन विभाग के साथ प्रदेश में जलविद्युत परियोजनओं में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान (कैट) की समीक्षा बैठक हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में कई महत्वपूर्ण नदियों पर विभिन्न जलविद्युत परियोजनाएं बनी हैं या निर्माणाधीन हैं। इन जलविद्युत परियोजनाओं में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान की विशेष भूमिका होती है।

विज्ञापन


प्रदेश में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान का प्रतिशत निर्धारित करने के लिए बेसिन-वाइज दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान में गाद को कम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुसार परियोजना की कुल लागत का 2.5 प्रतिशत कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान पर खर्च किया जाना चाहिए तथा कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट निधि के उपयोग की निगरानी के लिए संबंधित हितधारकों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) राम सुभग सिंह ने प्रदेश में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल जलविद्युत परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में विकास सुनिश्चित करवा रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण पर भी आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन अजय कुमार, निदेशक ऊर्जा मानसी सहाय ठाकुर मौजूद रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed