'प्रेमी जोड़ों की हिफाजत के लिए एसपी जिम्मेदार'
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हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा के लिए संबंधित जिलों के एसपी को निजी तौर पर जिम्मेदार बना दिया है। घरवालों की मर्जी के खिलाफ शादी करने वाले प्रेमी जोड़े को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाने के आग्रह को लेकर दायर याचिका पर यह फैसला प्रदेश हाईकोर्ट ने सुनाया।
कोर्ट ने आदेश दिया कि जब भी इस तरह के जोड़ों द्वारा संबंधित जिले के पुलिस प्रमुख को आवेदन भेजा जाएगा तो एसपी का दायित्व होगा कि वह खुद इस मामले में कार्रवाई करे।
न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने संबंधित पुलिस स्टेशन को मामले की जांच करवाने के आदेश दिया। थाना प्रभारी द्वारा ऐसे मामलों में दोनों की उम्र, उनकी सहमति और परिवार की आपत्तियों को निपटाए जाने के आदेश भी दिए।
शिकायत के तुरंत बाद हिरासत में न लें
अगर इस तरह के मामलों में परिवार की तरफ से लड़की को अगवा करने की शिकायत दर्ज करवाई गई है तो उस व्यक्ति को तब तक गिरफ्तार नहीं किया जाए, जब तक कि लड़की की ओर से इस बारे में बयान न दर्ज कर लिए जाएं।
अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के तुरंत बाद हिरासत में लेने वाले कदम नहीं उठाने चाहिए। अगर लड़की बालिग है तो पुलिस जोर जबरदस्ती कर उसे घरवालों के सुपुर्द नहीं करेगी। अगर जोड़े को आपराधिक दबाव या हमला आदि कर क्षति पहुंचाई जाती है तो मामले को कानूनी तौर पर निपटाया जाए।
अगर धमकी से जोड़े के किसी भी परिवार के सदस्य द्वारा शांति भंग की जाती है तो सरकार को मामले पर कानूनी तौर पर कार्रवाई करने का हक होगा।
क्या कहा हाईकोर्ट ने
-बालिग जोड़ों को तुरंत हिरासत में न ले पुलिस
-बालिग लड़की को जबरन घर न भेजें
-जोड़े पर हमला हो तो कानूनी कार्रवाई करें
-थाना स्तर पर निपटाएं मामले