नए डीजीपी गोयल बोले- सपने दिखाना आदत नहीं, ठोस काम करने का हूं आदी
सूबे के वरिष्ठतम आईपीएस अधिकारी सोमेश गोयल ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाला। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह सपना दिखाने की बजाय ठोस काम करने के आदी हैं। अपराध रोकने के साथ पुलिस कर्मियों का आम लोगों के प्रति रवैया सकारात्मक होना जरूरी है।
पुलिस अपराध रोकने को क्या कर रही है, उसे समझने के बाद साथियों से मिलकर रणनीति लागू करेंगे। डीजीपी बनने के बाद सोमेश गोयल पहली बार मीडिया से रू-ब-रू हुए। कहा कि प्रदेश में नशे का कारोबार रोकने को रणनीति के तहत काम होगा। अब तक हुए अपराधों, उनके ट्रेंड को समझकर योजना बनाई जाएगी।
जेल की तरह पुलिस में भी कर्मचारियों के वेलफेयर का ध्यान रखते हुए अच्छा माहौल देने का प्रयास होगा। उन्होंने पुलिस के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया। कहा कि अगले 15 साल की जरूरतों को देखते हुए प्लान तैयार होगा। फोर्स को अपग्रेड करने का प्रयास रहेगा।
पुलिस कर्मचारी संघों के दखल पर बोले - अगर पुलिस मुख्यालय जवानों के प्रति प्रो एक्टिव रहेगा तो न उनकी समस्याएं रहेंगी और न ही समस्याओं के नाम पर राजनीति होगी। पुलिसिंग पर सवाल उठने पर कहा - मैं टिक कर काम करना चाहता हूं। सारी कमियां और ताकत देखने के बाद उसी हिसाब से काम करूंगा।
मल्टी डिपार्टमेंट रणनीति पर रहेगा जोर
भू, वन और ड्रग्स माफिया के फलने-फूलने के सवाल पर डीजीपी बोले - ऐसे किसी तत्व को पनपने नहीं दिया जाएगा। कई बार सिर्फ पुलिस ही इन समस्याओं का खात्मा नहीं कर सकती।
ऐसे मामले चिह्नित कर विभिन्न विभागों के साथ तालमेल से माफिया पर अंकुश लगाया जाएगा। शराब को लेकर भी विरोध हो रहा है। कानून व्यवस्था खराब होने की स्थिति में संबंधित विभाग से संपर्क कर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास होगा।
गुडवर्क हो और अंजाम तक भी पहुंचे
गोयल ने कहा कि ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें खासकर नशीला पदार्थ मिलने का पुलिस ने दावा किया, लेकिन फोरेंसिक जांच में सैंपल फेल हो गया।
ऐसे मामलों की सूची बनाई जाएगी और जानने का प्रयास होगा कि कमी कहां रह गई। प्रयास रहेगा कि अपराध खोलने के साथ उसे करने वालों को सजा दिलाई जाए।