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ग्लेशियर की चपेट में आने से लाहौल-स्पीति का जवान शहीद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केलांग (लाहौल स्पीति)
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:18 PM IST
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कारगिल में माउंट नून एक्सपीडिशन के दौरान दो दिन पहले ग्लेशियर की चपेट में आने से शहीद हुए डोगरा रेजीमेंट के जांबाज सूबेदार रिगजिन दोरजे का पार्थिव शरीर वीरवार को काजा पहुंचाया जाएगा। 42 साल के जांबाज शहीद सैनिक स्पीति घाटी चिचम गांव के रहने वाले थे।
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वह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। वीरवार सुबह पार्थिव शरीर वायु सेना के जहाज से पहले चंडीगढ़ पहुंचाया जाएगा। जहां से चौपर से काजा लाया जाएगा।
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एडीएम काजा विक्रम नेगी ने बताया कि शहीद का राजकीय सम्मान के साथ शुक्रवार को उनके पैतृक गांव चिचम में बौद्ध रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार होगा। शहीद सूबेदार रिगजिन दोरजे की एक 6 साल की बेटी और 9 साल का एक बेटा है।
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माउंट नून एक्सपीडिशन शुरू होने से पहले 15 अगस्त 2018 को सूबेदार रिगजिन आखिरी बार अपने परिजनों से मिलने अपने गांव चिचम आए थे। रिटायर्ड सैनिक हिशे छोपेल ने बताया कि रिगजिन तीन बार एवरेस्ट और एक बार 8 हजार फीट ऊंची माउंट धौलागिरी को फतह कर चुके हैं।
रिगजिन वर्ष 1995 में सेना की डोगरा रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि देश ने रिगजिन के रूप में एक जांबाज सैनिक को खो दिया है।