सौर ऊर्जा से रोशन होंगे बिजली से महरूम 310 मिडल स्कूल
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बिजली से वंचित प्रदेश के 310 मिडल स्कूल सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। इन स्कूलों में ऑफ ग्रिड सोलर पैनल लगेंगे। हर स्कूल पर करीब 2.50 लाख रुपये की लागत से सोलर सिस्टम लगेंगे। इन स्कूलों को रोशन करने में आठ से दस करोड़ रुपये खर्च आएगा। सरकार ने केंद्र सरकार को इसकी रिपोर्ट भेजी है।
मंजूरी मिलते ही स्कूलों में सोलर पैनल लगेंगे। प्रदेश का किन्नौर एकमात्र जिला ऐसा है, जहां सभी मिडल स्कूलों में बिजली पहुंची है। शिमला में सबसे अधिक 78 मिडल स्कूल अभी तक बिजली की सुविधा से वंचित हैं।
दुर्गम स्कूलों में ऑनलाइन पहुंचेंगे निर्देश
प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित अधिकतर स्कूलों में बिजली नहीं पहुंच सकी है। इन स्कूलों में बिजली न होने के कारण विभाग से जरूरी निर्देश अभी तक डाक से पहुंचते हैं। अमूमन यह डाक समय पर नहीं पहुंच पाती है। जिससे कार्य लटक जाते हैं। बिजली की सुविधा से इन स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा भी पहुंच सकेगी।
| जिला | मिडल स्कूल |
| बिलासपुर | 04 |
| चंबा | 59 |
| हमीरपुर | 01 |
| कांगड़ा | 36 |
| किन्नौर | 00 |
| लाहुल स्पीति | 06 |
| मंडी | 29 |
| शिमला | 78 |
| सिरमौर | 47 |
| सोलन | 10 |
| ऊना | 02 |
| कुल्लू | 38 |
| कुल | 310 |
केंद्र को भेजी प्रस्ताव : कोहली
एसएसए और आरएमए के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशीष कोहली ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रदेश सरकार के माध्यम से प्रस्ताव भेजा गया है। मिडल स्कूलों में सौर ऊर्जा के तहत पैनल लगाने के लिए करीब आठ से 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।