स्नो हार्वेस्टिंग से होगा जल संकट का समाधान, इन पहाड़ियों पर हो रहा शोध
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हिमाचल समेत देशभर में हर साल होने वाले जल संकट से निपटने के लिए प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने स्नो हार्वेस्टिंग (हिम दोहन) पर काम शुरू किया है। केंद्रीय संस्था के साथ मिलकर विभाग किन्नौर की ऊंची चोटियों पर स्नो हार्वेस्टिंग कर रहे हैं।
विभाग का दावा है कि अगर स्नो हार्वेस्टिंग का शोध सफल रहा तो हिमाचल के अलावा कई अन्य प्रदेशों की भी पानी की परेशानी खत्म हो सकती है। हाल ही में भीषण गर्मी और बारिश न होने की वजह से हिमाचल जबरदस्त जल संकट से जूझ रहा था।
कृषि बागवानी से लेकर पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया था। चूंकि प्रदेश का बड़ा हिस्सा खड्डों के पानी की सप्लाई पर निर्भर है और बारिश न होने की वजह से खड्डें सूख गई थीं।
ऐसे में प्रदेश सरकार हर वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रयास कर रही है। इसके तहत विभाग ऊंचाई वाले स्थानों पर जमी बर्फ को पिघलने से बचाने पर काम कर रहा है।
कोशिश की जा रही है कि बर्फ को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाए ताकि गर्मी में जब जल संकट हो, उस समय उस बर्फ का इस्तेमाल पीने के पानी के लिए प्रयोग किया जा सके।
विभागीय सूत्रों के अनुसार इस काम में केंद्रीय रक्षा एजेंसी डीआरडीओ तकनीकी सहयोग दे रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगले साल से इस प्रोजेक्ट का असर दिखना शुरू हो सकता है।