पढ़िए, कैसे होगी एसएमसी शिक्षकों की नियुक्ति?
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प्रदेश के स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों के तहत शिक्षकों की भर्तियां पीरियड आधार पर होंगी। शिक्षकों की नियुक्तियां स्थायी शिक्षकों के भर्ती होने तक रहेंगी।
पीजीटी, टीजीटी, एलटी, शास्त्री, जेबीटी, डीएम और डीपीई को 75 रुपये से लेकर 150 रुपये प्रति पीरियड के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। इन्हें सरकार ग्रांट इन एड देगी। एसएमसी इन शिक्षकों की नियुक्तियां अस्थाई तौर पर करेगी, जो केवल खाली पदों के अगेंस्ट ही होंगी।
सरकार ने साफ किया है उनके आदेशों के विपरीत शिक्षकों की नियुक्तियां करने वाले स्कूलों को ग्रांट नहीं दी जाएगी। इसके अलावा जिन मिडल स्कूलों में सौ के कम छात्र होंगे, उनमें एसएमसी के तहत डीपी और डीपीई की नियुक्ति नहीं होगी। एसएमसी केवल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में ही इन दो पदों के लिए नियुक्ति कर पाएगी।
मनमर्जी से रखे शिक्षकों को नहीं मिलेगी ग्रांट
एसएमसी में बिना अध्यक्ष के मनमर्जी से जिन शिक्षकों की भर्तियां की जा रही हैं, विभाग ने ऐसे स्कूलों को साफ कह दिया है कि उन्हें ग्रांट इन एड नहीं मिलेगी। कमेटियों को अपने स्तर पर ही ऐसे शिक्षकों को मानदेय देना होगा। सरकार ऐसे स्कूलों को ग्रांट नहीं देगी। कई स्कूलों में एसएमसी अध्यक्ष की नियुक्ति के बिना ही भर्तियां कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान का कहना है कि सरकार ने जो एसएमसी के तहत शिक्षकों की भर्तियां करने के निर्देश जारी किए हैं, शिक्षक महासंघ इसका विरोध करता है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी। महासंघ सरकार के इस फैसले के खिलाफ और शिक्षकों व विद्यार्थियों के हित में हाईकोर्ट जाएगा।
ये रही प्रति पीरियड ग्रांट
पीजीटी - 150 रुपये (10वीं-12वीं)
पीटीटी - 100 रुपये (9वीं-10वीं)
टीजीटी - 100 रुपये
एलटी - 75 रुपये
शास्त्री - 75 रुपये
जेबीटी - 75 रुपये
डीएम - 75 रुपये
जीपीई - 100 रुपये