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सतलुज जल विद्युत निगम का बड़ा फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 05 Oct 2014 11:55 AM IST
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सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) ने प्रदेश के 850 स्कूलों में शौचालय के निर्माण का फैसला किया है। पहले चरण में शिमला और कुल्लू जिलों के 350 स्कूलों में शौचालय बनाए जाएंगे। 344 स्कूल शिमला और 6 स्कूल कुल्लू जिले के शामिल हैं।
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अन्य शौचालय प्रदेश के अन्यों जिलों में बनाए जाएंगे। एसजेवीएनएल ने 2 अक्तूबर को रामपुर के नाथपा झाखड़ा प्रोजेक्ट के आसपास के 30 स्कूलों में शौचालय निर्माण की आधारशिला रखी है। इनमें झाखड़ी, रामपुर और लूरी क्षेत्र शामिल हैं। प्रबंधन ने 15 अगस्त 2015 तक सभी 850 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा है।
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जिन स्कूलों में शौचालय बनाए जा रहे हैं, उनमें पहले से शौचालयों की सुविधा नहीं है। इससे साफ होता है कि प्रदेश में अभी भी हजारों स्कूल बिना शौचालयों चल रहे हैं। एडिशनल जीएम कार्पोरेट कम्यूनिकेशन एसजेवीएनएल विजय वर्मा ने बताया कि प्रदेश के 850 स्कूलों शौचालयों बनाने का फैसला लिया है। 15 अगस्त, 2015 तक इस लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। उन स्कूलों का चयन किया, जिनमें एक भी शौचालय नहीं है।
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चार फीसदी स्कूलों में नहीं शौचालय
प्रदेश के 4 फीसदी स्कूलों में अभी भी छात्र-छात्राएं खुले आसमान के नीचे शौच जाने को मजबूर हैं। इन स्कूलों में किसी भी वर्ग के बच्चों के लिए शौचालय नहीं बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2 फीसदी से अधिक स्कूलों में शौचालयों के ढांचे तो बने हैं, लेकिन प्रशासनिक व सामाजिक कारणों से इस्तेमाल में नहीं है या फिर इस्तेमाल योग्य नहीं है।