शिमला में होने वाला है भयंकर जल संकट, अफसर बेपरवाह
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हिल्स क्वीन शिमला में गर्मियों के मौसम में भयानक जल संकट होगा। एक चौथाई शहर की आबादी को पीने के पानी की सप्लाई करने वाली अश्वनी खड्ड पेयजल योजना को बंद करने के करीब एक महीने बाद भी आईपीएच महकमे ने पानी सप्लाई देने को वैकल्पिक व्यवस्था की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। मंत्री विद्या स्टोक्स के आदेश भी अफसरों ने ताक पर रख दिए हैं।
हिल्स क्वीन शिमला में गर्मियों के मौसम में भयानक जल संकट होगा। एक चौथाई शहर की आबादी को पीने के पानी की सप्लाई करने वाली अश्वनी खड्ड पेयजल योजना को बंद करने के करीब एक महीने बाद भी आईपीएच महकमे ने पानी सप्लाई देने को वैकल्पिक व्यवस्था की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। मंत्री विद्या स्टोक्स के आदेश भी अफसरों ने ताक पर रख दिए हैं।
आदेश के 25 दिन बाद भी नई योजनाओं के एस्टिमेट बनना शुरू नहीं हुए हैं। स्टोक्स ने पांच जनवरी को अश्वनी खड्ड का निरीक्षण कर विभागीय अफसरों को कोटी नाला और वरंडीनाला से पानी उठाने को योजना बनाने के निर्देश दिए थे। मंत्री इन दिनों बीमार होने के चलते हिमाचल से बाहर हैं। इस कारण अफसर भी बेपरवाह हो गए हैं।
अभी शिमला शहर में 35 एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। जरूरत 42 एमएलडी पानी की है। ऐसे में नगर निगम ने शहर में पानी की राशनिंग की है। एक दिन छोड़कर लोगों को सप्लाई दी जा रही है। शहर की काफी आबादी इन दिनों छुट्टियों पर शहर से बाहर है। ऐसे में अभी जल संकट नहीं गहराया है। गर्मियों में स्थिति विकट हो जाएगी।
गर्मियों में टूरिस्ट सीजन के चलते पानी की डिमांड 48 एमएलडी तक पहुंच जाएगी। ऐसी स्थिति में आईपीएच शहर के लोगों को अतिरिक्त पानी कहां से मुहैया करवाएगा? इसका जवाब भी किसी के भी पास नहीं है।
नई योजनाओं से मिलेगा पांच एमएलडी पानी
कोटी और वरंडी नालों से करीब पांच एमएलडी पानी शिमला शहर को मिल सकता है। अश्वनी खड्ड से करीब साढ़े तीन किमी दूर स्थित कोटी नाला और वरंडी नाला का पानी साफ है। अश्वनी खड्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की गंदगी मिलने से पहले ही पानी उठाने की योजना है। योजना को पूरा करने के लिए छह माह की समय सीमा दी गई थी। इस समयसीमा में से करीब एक महीना बीत चुका है। आईपीएच महकमा अभी एस्टिमेट भी नहीं बना सका है।
निष्क्रिय हो गई है सरकार : महापौर
नगर निगम शिमला के महापौर संजय चौहान ने कहा कि सरकार निष्क्रिय हो गई है। शहर में पीलिया फैलने के बाद भी सरकार असंवेदनशील बनी र्हुई है। मंत्री को आदेश दिए हुए 25 दिन से अधिक हो गए हैं। बावजूद इसके कोई प्रगति नजर नहीं आई है। अफसरशाही समस्या का हल तलाशने के लिए गंभीर नहीं है।
नए अधिशासी अभियंता को नहीं जानकारी
आईपीएच के डिवीजन नंबर दो में नियुक्त नए अधिशासी अभियंता डीआर शर्मा ने कहा कि अश्वनी खड्ड के विकल्प के तौर पर जहां से पानी उठाना है, उन योजनाओं के नाम उन्हें याद नहीं हैं। हेड ड्राफ्ट्समैन बीमार होने के चलते छुट्टी पर हैं। योजनाओं पर क्या काम हो रहा है। इसकी भी सही से जानकारी नहीं है। पद संभाले उन्हें अभी कुछ दिन हुए है। अभी गिरि पेयजल योजना का निरीक्षण चल रहा है। जल्द वैकल्पिक पेयजल योजनाओं की जानकारी जुटाएंगे।
शहरवासियों को पीने के लिए साफ पानी मुहैया करवाने को सरकार प्रयासरत है। अश्वनी खड्ड के लिए कोटी और वरंडी नाला से पानी उठाया जाएगा। छह माह में साढ़े तीन करोड़ से काम पूरा होगा। नई पाइपें बिछाने के आदेश दे दिए हैं।- विद्या स्टोक्स, आईपीएच मंत्री