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Shimla News: रिहायशी भवनों में दुकानें-ढाबे चलाने वालों से वसूलेंगे शुल्क
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लोगों को एमसी से मंजूरी लेना होगा अनिवार्य
एमसी नियमों में पहले से है प्रावधान, अब सख्ती से होगा लागू
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में रिहायशी भवनों में दुकानें, ढाबे या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे भवन मालिकों से नगर निगम अब शुल्क वसूलेगा। इन भवन मालिकों को चेंज ऑफ लैंड यूज के तहत नगर निगम से इसकी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बजट में इसका शुल्क वसूलने की घोषणा की है। हालांकि, नगर निगम नियमों में इसका प्रावधान पहले से था। लेकिन अब इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार शहर में हजारों भवन मालिक ऐसे हैं जो अपने रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं। यह व्यावसायिक दरों पर टैक्स का भुगतान भी कर रहे हैं। लेकिन इन्हें अब चेंज ऑफ लैंड यूज की मंजूरी लेनी होगी। इससे निगम की आय भी बढ़ेगी। शहर में चल रहे ड्रोन सर्वे के बाद टैक्स चोरों को भी पकड़ा जाएगा। जिन लोगों ने भवनों की सेल्फ असेस्मेंट कम भरी है और टैक्स की चोरी कर रहे हैं, उन्हें अब नगर निगम पकड़ सकेगा। सर्वे रिपोर्ट के बाद इन पर कार्रवाई होगी। नए डेवलपमेंट प्लांट के अनुसार निगम अब रिहायशी एटिक बनाने की मंजूरी देगा। इससे निगम की आय बढ़ेगी।
यह सुविधाएं हुई ऑनलाइन, लोगों को मिलेगी सुविधा
शहर में अब जन्म और मृत्यु के प्रमाण पत्र ऑनलाइन मिलेंगे। इसके अलावा नगर निगम की संपत्तियों का किराया भी कारोबारी आनलाइन ही दे सकेंगे। नगर निगम अप्रैल से इसकी शुरुआत करने जा रहा है। शहर में लावारिस कुत्तों की गणना की जाएगी।
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एमसी नियमों में पहले से है प्रावधान, अब सख्ती से होगा लागू
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में रिहायशी भवनों में दुकानें, ढाबे या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे भवन मालिकों से नगर निगम अब शुल्क वसूलेगा। इन भवन मालिकों को चेंज ऑफ लैंड यूज के तहत नगर निगम से इसकी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बजट में इसका शुल्क वसूलने की घोषणा की है। हालांकि, नगर निगम नियमों में इसका प्रावधान पहले से था। लेकिन अब इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार शहर में हजारों भवन मालिक ऐसे हैं जो अपने रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं। यह व्यावसायिक दरों पर टैक्स का भुगतान भी कर रहे हैं। लेकिन इन्हें अब चेंज ऑफ लैंड यूज की मंजूरी लेनी होगी। इससे निगम की आय भी बढ़ेगी। शहर में चल रहे ड्रोन सर्वे के बाद टैक्स चोरों को भी पकड़ा जाएगा। जिन लोगों ने भवनों की सेल्फ असेस्मेंट कम भरी है और टैक्स की चोरी कर रहे हैं, उन्हें अब नगर निगम पकड़ सकेगा। सर्वे रिपोर्ट के बाद इन पर कार्रवाई होगी। नए डेवलपमेंट प्लांट के अनुसार निगम अब रिहायशी एटिक बनाने की मंजूरी देगा। इससे निगम की आय बढ़ेगी।
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यह सुविधाएं हुई ऑनलाइन, लोगों को मिलेगी सुविधा
शहर में अब जन्म और मृत्यु के प्रमाण पत्र ऑनलाइन मिलेंगे। इसके अलावा नगर निगम की संपत्तियों का किराया भी कारोबारी आनलाइन ही दे सकेंगे। नगर निगम अप्रैल से इसकी शुरुआत करने जा रहा है। शहर में लावारिस कुत्तों की गणना की जाएगी।
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