शिमला रेप केस: CBI ने जंगल में डाला डेरा, ये शख्स देगा गुड़िया के कातिलों का सुराग
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क्या गुड़िया से दुराचार करने के बाद उसे मौत के घाट उतारने वाले अपराधियों को वन निगम में दांदी जंगल में तैनात चौकीदार बेनकाब करेगा या क्या फिर सीबीआई इस चौकीदार को कड़ी बनाकर किसी अहम सुराग तक पहुंच चुकी है? सीबीआई इस पर तो खामोश है।
लेकिन सीबीआई ने वन निगम के इस स्थानीय चौकीदार से बानकुफर विश्राम गृह में लंबी पूछताछ की। चौकीदार को वन विश्राम गृह में शाम के वक्त बुलाया गया। उससे चार से छह जुलाई के बीच दांदी जंगल में रही गतिविधियों के बारे में पूछा गया।
इसके अलावा चौकीदार से ये भी पूछताछ की गई कि किस तरह के लोग दांदी जंगल में गाड़ियों में आते-जाते रहे हैं। सीबीआई की टीम ने दांदी जंगल में अपना डेरा डाल दिया है।
सीबीआई ने चौकीदार से किए कई सवाल
सीबीआई की दो हायर इनोवा गाड़ियां बानकुफर से ही दौड़ रही हैं। दिन भर तो सीबीआई के अधिकारी इस विश्राम गृह में ही रहे। शाम के वक्त चौकीदार को पूछताछ के लिए बुलाया गया। सीबीआई ने चौकीदार से कई सवाल किए। यह चौकीदार दांदी जंगल के शिखर पर चल रहे वन निगम के देवदारों के पेड़ों के चिरान के काम को देखता है।
रात भर यहां स्लीपरों की चौकीदारी करता है। पिछले दिनों ही सीबीआई ने यहां काम कर रहे मजदूरों से भी कड़ी पूछताछ की है। सूत्रों ने बताया कि चौकीदार से की गई पूछताछ में सीबीआई को कुछ नई बातें पता लगी हैं, जो सीबीआई के शक को सबूत में बदल सकती हैं।
चूंकि, दांदी जंगल के शीर्ष से जहां से सड़क गुजरती है, चौकीदार वहीं काम करता है। वह रात को भी यहां होता है। ऐसे में सीबीआई को संदेह है कि उसे कुछ न कुछ मालूम हो सकता है।
कोकूनाला से लेकर दांदी जंगल तक सीबीआई
सीबीआई की नई दिल्ली से आई विशेष अपराध शाखा ने कोकूनाला से लेकर दांदी जंगल तक जाल बिछा दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने वन विश्राम गृह बानकुफर में डेरा डाल दिया है। इसका रात्रि ठहराव भी यहीं है। सीबीआई के अफसर दांदी जंगल और इसके आसपास सुराग तलाश रहे हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो की छानबीन टीम के अधिकारी बुधवार को दिन भर बानकुफर वन विश्राम गृह में ही रहे। ये अधिकारी बुधवार शाम के वक्त जंगल की ओर गए। वहां उन्होंने दोबारा से घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया।
ये अधिकारी हलाईला गांव और इसके आसपास के लोगों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर गड़ाए रहे। बानकुफर दुकान से सीबीआई के अधिकारी ने खानपान की सामग्री भी ली। इसी बीच अधिकारी स्थानीय लोगों से भी सामान्य बातचीत करते रहे।
सीबीआई ने जांच से जुड़े कुछ दस्तावेज हाईकोर्ट को दिखाए
माचल प्रदेश हाईकोर्ट में गुड़िया मर्डर केस के आरोपी आशीष चौहान की जमानत याचिका पर सुनवाई 18 अक्तूबर के लिए टल गई। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने जांच से जुड़े कुछ दस्तावेज कोर्ट को दिखाए। इस दौरान अदालत में मामले की जांचकर्ता अधिकारी उपस्थित रहीं।
सीबीआई की ओर से इस मामले में सील्ड कवर में स्टेटस रिपोर्ट एक दिन पहले मंगलवार को ही पेश की जा चुकी है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने इस मामले की जांच अधिकारी को अगली सुनवाई को भी कोर्ट में उपस्थित रहने के आदेश दिए। गुड़िया मामले में हिरासत में चल रहे आशीष चौहान ने खुद को बेकसूर बताते हुए जमानत याचिका दायर की है।
प्रार्थी के अनुसार 22 जुलाई को सीबीआई की ओर से उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 302, 34, 120 बी और पॉस्को अधिनियम की धारा - 6 के तहत शंका के आधार पर मामला दर्ज किया। प्रार्थी के अनुसार इस मामले में जांच पूरी कर ली गई है और वह न्यायिक हिरासत में है।
प्रार्थी के अनुसार उसके खिलाफ सीबीआई जांच में भी कोई तथ्य नहीं मिले हैं, जिसके आधार पर उसे हिरासत में रखा जाए। इस मामले में उससे कोई रिकवरी भी नहीं की जानी है। मामले पर सुनवाई 18 अक्तूबर को होगी।