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शिमला हादसा: क्रैश बैरियर होता तो बच जातीं तेरह जिंदगियां
राजेश हंसरेटा, अमर उजाला, रोहड़ू
Updated Sun, 23 Sep 2018 12:32 PM IST
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हाटकोटी से त्यूणी तक सड़क पर सफर करना जोखिम भरा बन गया है। शनिवार को स्नैल के समीप सड़क हादसा वाहन को पास देते हुए हुआ है। सड़क पर क्रैश बैरियर नहीं लगे थे, जिस वजह से ट्रैक्स गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लुढ़क गई। यहां क्रैश बैरियर लगे होते तो 13 लोगों की जानें बच सकती थीं।
लाल ढांक-पौंटा-रोहड़ू को नेशनल हाईवे का दर्जा तो पंद्रह साल पहले मिल गया लेकिन हाटकोटी से त्यूणी तक करीब 32 किलोमीटर मार्ग पर कहीं भी क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए हैं। क्रैश बैरियर न होने से इस मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं।
हालांकि, सड़क पर क्रैश बैरियर लगाने के लिए टेंडर नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने काफी पहले लगाए हैं लेकिन काम शुरू नहीं हो पा रहा। उधर, इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलने के बाद नेशनल हाईवे प्राधिकरण के अधिकारी हरकत में आए हैं। रविवार को एनएच प्राधिकरण के अभियंता मौके पर निरीक्षण करेंगे।
नेशनल हाईवे प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता रोहित कौशल ने बताया कि सड़क पर क्रैश बैरियर लगाने के टेंडर हो चुके हैं। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शीघ्र ही क्रैश बैरियर लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। रविवार को वह स्वयं मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण करेंगे।