शिमला रेप केस: CBI ने अब दिल्ली तलब किए ये दो पुलिस अफसर
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सीबीआई ने एएसपी भजनदेव नेगी और डीएसपी रत्न सिंह नेगी को नई दिल्ली तलब किया है। इन दोनों अधिकारियों से सीबीआई कड़ी पूछताछ करेगी। ये प्रदेश पुलिस की ओर से गुड़िया दुराचार एवं कत्ल मामले की छानबीन के लिए गठित एसआईटी का हिस्सा रह चुके हैं। लॉकअप मामले में पकड़े गए पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से गुड़िया मामले में भी लीपापोती करने के सीबीआई को कुछ सुराग मिले हैं।
उसी के बाद गुड़िया मामले की पुलिसिया छानबीन में अहम रोल निभाने वाले इन पुलिसकर्मियों को नई दिल्ली बुलाया गया है। सीबीआई की ओर से तलब किए जाने के बाद एएसपी शिमला रहे भजनदेव नेगी और डीएसपी ट्रैफिक रत्न सिंह नेगी को नई दिल्ली के लिए बुलाया गया है।
भजनदेव नेगी ने एसआईटी की ओर की गई छानबीन में प्रमुख भूमिका निभाई है। रत्न सिंह नेगी ने भी इसमें सहयोग किया है। इसी जांच को सीबीआई लगभग खारिज कर चुकी है। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई के बुलावे के बाद ये दोनों अधिकारी नई दिल्ली रवाना हो चुके हैं और सीबीआई के समक्ष उपस्थित होंगे।
सूत्रों ने बताया कि वीरवार को तीसरे दिन भी सीबीआई ने नई दिल्ली में निलंबित आईजी जहूर एच. जैदी और अन्य पुलिसवालों से कड़ाई से पूछताछ की। बताया जा रहा है कि आठों पुलिसवालों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है और उनके बयानों का भी मिलान किया जा रहा है।
पुलिस के पकड़े किसी भी आरोपी का डीएनए मिलान न होने की चर्चा
चर्चा ये भी कि सीबीआई ओर से पकड़े गए पांचों आरोपियों के डीएनए से गुड़िया के शव से बरामद किए गए डीएनए का मिलान नहीं हो पाया है। यानी इन आरोपियों के डीएनए से मिलान नेगेटिव आया है। इससे ये सवाल भी खड़ा हो गया है कि गुड़िया से दुराचार इन पांचों आरोपियों ने नहीं किया है तो ये किसने किया है?
क्या असली मुजरिम कोई और ही है? यही नहीं, सूत्र बताते हैं कि हलाइला क्षेत्र से लिए गए तमाम डीएनए नमूनों से भी डीएनए का मिलान नहीं हुआ है। अगर ऐसा है तो पुलिस की गुड़िया मामले में बनाई गई तफ्तीश की कहानी झूठी हो सकती है। ऐसे में एसआईटी के अन्य सदस्यों को भी सीबीआई गिरफ्तार कर सकती है।
फोरेंसिक लैब जुन्गा ने भी सीबीआई को थमाई सारी रिपोर्टें
फोरेंसिक लैब जुन्गा के अधिकारियों ने भी सीबीआई को सारी रिपोर्टें थमा दी हैं। इनमें डेंचर का माप, शरीर से मिले तरल द्रव्य की डीएनए की रिपोर्ट, विसरा रिपोर्ट और अन्य तमाम रिपोर्ट आदि को आगे सीबीआई को भेज दिया है।
सीबीआई ने एम्स और नई दिल्ली की प्रयोगशालाओं से भी फोरेंसिक रिपोर्ट ली है। हैदराबाद स्थित रिमोट सेंसिंग एजेंसी से भी सीबीआई को दांदी जंगल के मैग्नीफाइड चित्र मिले हैं।
इन सबकी गहन पड़ताल हो रही है। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई दांदी जंगल में थार गाड़ी के निशान भी खोज रही है। कुछ लोगों ने
घटना वाले दिन चार जुलाई को एक थार गाड़ी और एक अन्य जिप्सी भी जंगल की दिशा में जाती देखी थी। जंगल में मिली राजू की पिकअप से निकाले कुछ नमूनों की सीबीआई पहले ही छानबीन कर चुकी है।