शिमला-धर्मशाला फोरलेन बनने से अब 43 किमी कम होगी दूरी
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शिमला-धर्मशाला हाईवे का फाइनल सर्वे पूरा हो गया है। इस सर्वे के बाद अब शिमला से धर्मशाला की कुल दूरी 223 किमी के स्थान पर 180 ही रह जाएगी। फोरलेन तैयार होने पर करीब साढे़ तीन घंटे में ही धर्मशाला से शिमला की दूरी तय हो जाएगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने इसकी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर ली है।
एच अथॉरिटी ने प्रारंभिक सर्वे में शिमला-धर्मशाला की दूरी 23 किलोमीटर घटाकर 200 किमी बताई गई थी। लेकिन फाइनल सर्वे के बाद नादौन और शिमला के नजदीक सर्वे में परिवर्तन करने से यह दूरी और 20 किलोमीटर कम हो गई। इस लिहाज से शिमला-धर्मशाला की कुल दूरी 180 किलोमीटर रह गई है।
उल्लेखनीय है कि धर्मशाला से शिमला फोरलेन हाईवे का काम पांच पैकेज में किया जाना है। इसके लिए पहले पैकेज के तहत धर्मशाला से ज्वाला जी तक थ्री डी सर्वे पूरा हो चुका है। जबकि अगले चार पैकेज का फाइनल सर्वे पूरा हो गया है। अन्य चार पैकेज में भी जल्द थ्री डी सर्वे का कार्य शुरू हो जाएगा।
फाइनल सर्वे में पैकेज नंबर पांच में गलोग से न्यायिक आकादमी शिमला के बीच 800-800 मीटर के दो टनल बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा नादौन में सर्वे में कुछ बदलाव हुआ है। वहां प्रस्तावित टनल के स्थान पर फोरलेन सर्वे में बदलाव किया गया है। इसके अलावा अन्य पैकेज में छोटे छोटे बदलाव किए गए हैं। इन्हीं बदलावों के चलते शिमला से धर्मशाला की दूरी 180 किलोमीटर तक सिमट जाएगी।
100 से 120 की रफ्तार से चलेगी गाड़ियां
परियोजना निदेशक एनएचएआई वाईए राउत का दावा है कि इस फोरलेन हाईवे को विश्वस्तर का बनाया जाएगा। यहां गाड़ियां चलाते वक्त चालक को पहाड़ी क्षेत्र के बजाय किसी मैदानी इलाके की सीधी सपाट सड़क पर गाड़ी चलाने का अनुभव होगा। फोरलेन निर्माण में आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा।
कांगड़ा से ज्वाला जी पहला पैकेज, ज्वाला जी से हमीरपुर दूसरा पैकेज, हमीरपुर से घुमारवीं तीसरा पैकेज, घुमारवीं से भराड़ी घाट चौथा और भराड़ी घाट से शिमला 5वां पैकेज फोरलेन का होगा। इस पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
सड़क किनारे नहीं, परिवहन महानगर में खड़े होंगे वाहन
वाहनों की भीड़ से निजात दिलाने के लिए सरकार प्रदेश में परिवहन महानगर बनाएगी। परिवहन महानगर में पार्किंग के अलावा चालकों के रहने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा यहां वाहनों की मरम्मत भी होगी। खाने पीने सहित एटीएम भी स्थापित होगा। बद्दी, जसूर, नालागढ़ में जमीन उपलब्ध होने के बाद परिवहन विभाग ने जिला उपायुक्तों को पत्र लिखकर जगह उपलब्ध कराने को पत्र लिखा है। जिलों में यह महानगर 10 और इससे ज्यादा बीघा जमीन पर बनेगा।
इसमें वाहनों को खड़ा करने के साथ साथ चालकों को रहने की व्यवस्था, मेकेनिक की दुकानें, खाना खाने के लिए स्टॉल, एटीएम आदि की व्यवस्था होगी। प्रदेश सरकार इन नगरों पर 18 करोड़ों रुपये की राशि खर्च करेगी। अगर खर्च ज्यादा आता है तो परिवहन विभाग अतिरिक्त पैसा भी मुहैया कराएगा।
परिवहन विभाग स्ट्रक्चर खुद तैयार करेगा। इसके बाद इन्हें चलाने के लिए ठेके पर देगा। परिवहन विभाग में इसको लेकर मैराथन बैठक हुई है। विभाग के अधिकारियों और आरटीओ को भी इस बैठक में बुलाया गया था। विभाग के अधिकारियों ने इसका मॉडल तैयार किया है। जिसे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर को भी दिखाया गया है।
नगरों में सुरक्षित रहेंगे वाहन
परिवहन विभाग का दावा है कि इन नगरों में वाहन पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। जरूरत पड़ने के बाद ही इन वाहनों को इधर उधर ले जाया जा सकेगा। वर्तमान में वाहन चालकों को पार्किंग की कमी के चलते सड़कों पर वाहन खड़े करने पड़ते हैं, इससे जहां वाहनों की टूट फूट हो रही है, वहीं कई वाहन चोरी भी हो रहे हैं।
परिवहन विभाग जिलों में परिवहन नगर बनाने जा रहा है। 18 करोड़ रुपये की लागत से इनका निर्माण होगा। जिला उपायुक्तों को भी जगह देने के लिए पत्र लिखा गया है।- कैप्टन जेएम पठानिया निदेशक, परिवहन विभाग