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स्मोक फ्री के बाद कचरा मुक्त शहर बना शिमला, एमसी ने की घोषणा

Thu, 14 Feb 2019 11:25 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 14 Feb 2019 11:25 AM IST
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Shimla became garbage free city after approval in mc shimla house
स्मोक फ्री सिटी बनने के बाद अब शिमला शहर को कचरा मुक्त शहर भी घोषित कर दिया गया। नगर निगम के विशेष सदन में बुधवार को पार्षदों की मंजूरी के बाद इसकी घोषणा की गई।
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आयुक्त पंकज राय ने बताया कि इस दावे पर शहरवासियों की आपत्तियां मांगी थीं लेकिन एक भी आपत्ति नहीं आई। ऐसे में शहर को गारबेज फ्री सिटी घोषित किया जा सकता है। इससे स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में भी शहर को बेहतर अंक मिलेंगे।
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हालांकि, इस दौरान विकासनगर पार्षद रचना ने सवाल भी उठाए। कहा कि उनके वार्ड में सैकड़ों घरों से कचरा नहीं उठ रहा। जंगल और नाले कचरे से भरे पड़े हैं। कुछ पार्षदों ने कहा कि डिप्टी मेयर के वार्ड के भी यही हाल है। आयुक्त ने कहा कि इस रविवार इलाके का दौरा करेंगे।
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अब पार्षद भी लगा सकेंगे पैनल्टी

Shimla became garbage free city after approval in mc shimla house

 सदन में फैसला लिया गया कि शहर में चल रहे 110 सार्वजनिक शौचालयों के दोबारा टेंडर किए जाएंगे। इसमें जो भी कंपनी जिम्मा संभालेगी, उसे शौचालयों में विज्ञापन लगाने की छूट होगी। सैहबकर्मियों के लिए जूते और ड्रेस खरीदने के लिए कमेटी बनाई गई।

इसमें पार्षद शैली शर्मा, दिवाकर शर्मा, बिट्टू कुमार, इंद्रजीत सिंह और शारदा चौहान को शामिल किया है। ओडीएफ प्लस प्लस को मंजूरी दी गई। पार्षद आरती चौहान ने कहा कि कूड़ा न देने वालों का बिजली-पानी काटा जाए।

कर्मचारी होने के बावजूद ये लोग कूड़ा जंगल में फेंक रहे हैं जिससे गंदगी बढ़ रही है। विशेष सदन में मेयर-डिप्टी मेयर समेत सिर्फ 18 पार्षद ही पहुंचे थे।नगर निगम के पार्षद अपने अपने वार्ड में शौचालय की सफाई व्यवस्था चेक करेंगे।

इस दौरान यदि व्यवस्था ठीक नहीं मिलती है तो पार्षद एक हजार रुपये की पैनल्टी संचालक को लगा सकेंगे। पार्षदों को जुर्माना लगाने की शक्तियां देने पर भी सदन ने सहमति जताई।

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