शारदीय नवरात्र: सुबह इतने बजे खुलेंगे मंदिरों के कपाट; हर दिन लगेगा भंडारा, जानें घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
शहर के तारा देवी, कालीबाड़ी, बीसीएस और ढिंगू धार देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट सुबह 6:00 बजे से खुल जाएंगे। मां दुर्गा के आगमन पर देवी मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रविवार 11 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। राजधानी शिमला के देवी मंदिरों में नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होगी। शहर के तारा देवी, कालीबाड़ी, बीसीएस और ढिंगू धार देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट सुबह 6:00 बजे से खुल जाएंगे। मां दुर्गा के आगमन पर देवी मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिरों को रंग-रोगन कर चमकाया गया है। तारा देवी के मंदिर को फूलों से सजाया गया है, वहीं बीसीएस स्थित देवी मंदिर में भंडारों के लिए टेंट लगने शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही रंग-बिरंगी लाइटों से मंदिरों की सजावट की जाएगी। कालीबाड़ी मंदिर में मां दुर्गा की मूर्तियों की स्थापना होगी।
नवरात्र पर मां दुर्गा का आगमन हाथी पर सवार होकर होगा
पंचाग के अनुसार रविवार को पहले नवरात्र पर मां दुर्गा का धरती पर आगमन हाथी पर सवार होकर हो रहा है। इसे शुभ संकेत माना जाता है और अच्छी बारिश, सुख-समृद्धि तथा खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है। इस बार नवरात्र में तिथियों के विशेष संयोग के कारण 19 अक्तूबर का दिन विशेष रहेगा। इस दिन महाअष्टमी और महानवमी की पूजा एकसाथ होगी।
20 अक्तूबर को महानवमी और विजयादशमी का पर्व
श्रद्धालु मां महागौरी की पूजा-अर्चना के साथ कन्या पूजन भी करेंगे। इसके अगले दिन 20 अक्तूबर को महानवमी और विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। तारा देवी मंदिर के पुजारी कमलेश ने बताया कि शुक्रवार को मंदिर को फूलों से सजाया गया। वहीं शनिवार को लाइटें लगा दी जाएंगी।
पूजा और उपवास करने से माता प्रसन्न होती है: विनोए चक्रवर्ती
नौ दिन मां दुर्गा की पूजा और उपवास करने से माता प्रसन्न होती है तथा अपने भक्तों को मनवांछित फल देती हैं। नवरात्र शुरू होने के साथ ही मंदिर में माता की अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाएगी। कालीबाड़ी मंदिर के पुजारी विनोए चक्रवर्ती ने बताया कि रविवार से घट स्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत होगी। वहीं नवरात्रों के दौरान दिनभर मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खुले रहेंगे और सभी नवरात्रों में मंदिर की ओर से भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
यह रहेगा घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश चंद्र नौटियाल ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन 11 अक्तूबर को प्रतिपदा तिथि पर घट स्थापना की जाएगी। इसी दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा होगी। घटस्थापना के लिए सुबह का शुभ मुहूर्त सुबह 7:50 से 10:00 बजे तक है। वहीं अभिजीत मुहूर्त पूर्वाह्न 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। इसे घट स्थापना के लिए विशेष रूप से श्रेष्ठ मुहूर्त माना गया है।
तारा देवी मंदिर में इस बार नए अखाड़े में होगा दंगल
शारदीय नवरात्र के दौरान अष्टमी पर हर वर्ष तारा देवी मंदिर में दंगल आयोजित किया जाता है। इस बार दंगल के लिए नया और बड़ा अखाड़ा बनाकर तैयार किया है। मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी ललित कुमार शर्मा ने बताया कि पहले वाला अखाड़ा ठंडी जगह में बना था। इस बार अखाड़े को धूप वाली जगह में तैयार किया गया है। इसके अलावा यहां पर तीन से चार हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था भी है। इस बार दंगल 19 अक्तूबर को आयोजित किया जाएगा। इसमें माली जीतने वाले को 51 हजार और दूसरे स्थान पर रहने वाले को 31 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
ऊना: नवरात्र के लिए रंग-बिरंगे फूलों से सजा मां चिंतपूर्णी का दरबार
श्राद्ध पक्ष के चलते पिछले कुछ दिनों से शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में श्रद्धालुओं की रौनक कम देखने को मिल रही थी, लेकिन अब श्राद्ध समाप्त होने के बाद रविवार से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्रों के साथ ही मंदिर में एक बार फिर भक्तों की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है। करीब 16 दिन बाद मां चिंतपूर्णी के दरबार में श्रद्धालुओं की रौनक लौटेगी। नवरात्रों के दौरान मां के दर्शनों के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। शारदीय नवरात्रों को लेकर मंदिर प्रशासन ने भी लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मां चिंतपूर्णी के दरबार को रंग-बिरंगे देशी-विदेशी फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। फूलों की आकर्षक सजावट से मंदिर की सुंदरता देखते ही बन रही है।
नवरात्रों के आगमन के साथ ही मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बनने लगा है और श्रद्धालुओं को भी मां के भव्य स्वरूप के दर्शन करने का इंतजार है। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि शारदीय नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के साथ साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि मां के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंदिर प्रशासन नवरात्रों के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
श्राद्ध पक्ष के दौरान कम रही श्रद्धालुओं की आमद के बाद अब नवरात्रों में मां चिंतपूर्णी के दरबार में एक बार फिर रौनक बढ़ने की उम्मीद है। मंदिर की भव्य सजावट और नवरात्रों की तैयारियों के बीच अब सभी को श्रद्धालुओं के आगमन का इंतजार है।- संजीव प्रभाकर, चिंतपूर्णी मंदिर अधिकारी।
सिरमाैर में 150 सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात
सिरमौर डीसी प्रियंका वर्मा ने कहा कि अश्विन नवरात्रि मेला 11 से 26 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। इस मेले में प्रशासन की तरफ से काफी तैयारियां की गई हैं। इसके लिए 150 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र और पार्किंग क्षेत्र में 200 सीसीटीवी भी लगाए हैं ताकि ठीक से निगरानी रखी जा सके। मेला क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटा गया है...इसके अलावा त्रिलोकपुर क्षेत्र में मांस व मछली की बिक्री पर भी हमने प्रतिबंध लगाया है।
#WATCH नाहन, हिमाचल प्रदेश: सिरमौर DC प्रियंका वर्मा ने कहा, "अश्विन नवरात्रि मेला 11 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इस मेले में प्रशासन की तरफ से काफी तैयारियां की गई हैं। इसके लिए 150 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं...हमने मेला क्षेत्र और पार्किंग क्षेत्र में 200 CCTV भी लगाए हैं ताकि ठीक से निगरानी रखी जा सके। मेला क्षेत्र को 4 सेक्टर में बांटा गया है...इसके अलावा त्रिलोकपुर क्षेत्र में मांस व मछली की बिक्री पर भी हमने प्रतिबंध लगाया है..."
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 10, 2026
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