{"_id":"691344ff1bdd7e0c81011101","slug":"sfi-protests-at-hpu-over-ragging-issue-shimla-news-c-19-sml1002-630537-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: रैगिंग प्रकरण पर एचपीयू में \nएसएफआई ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: रैगिंग प्रकरण पर एचपीयू में एसएफआई ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
डीएसडब्ल्यू कार्यालय के बाहर की नारेबाजी, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उठाई मांग
बोले, छात्रावास वार्डन से भी जवाब-तलब करें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के महिला छात्रावास चंद्रभागा में रैगिंग प्रकरण को लेकर मंगलवार को एसएफआई ने प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने छात्रावासों की मुख्य वार्डन और डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसएफआई के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन रैगिंग की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे छात्राओं में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि चंद्रभागा छात्रावास में प्रथम वर्ष की छात्रा को मानसिक रूप से परेशान किया गया और शिकायत के बाद भी छात्रावास प्रबंधन ने तत्काल कोई कदम नहीं उठाया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि वरिष्ठ प्रीफेक्ट को तत्काल निलंबित किया जाए और छात्रावास वार्डन से भी जवाब-तलब करें। एसएफआई ने कहा कि पीड़ित छात्रा को मानसिक और संस्थागत सहयोग दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान एसएफआई के राज्य और विश्वविद्यालय इकाई के अनेक छात्र नेता मौजूद रहे। एसएफआई अध्यक्ष योगी ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र और पारदर्शी जांच नहीं की तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि शिकायत पर जांच एंटी रैगिंग समिति को सौंप दी है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी छात्र संगठनों से अपील की है कि वह धैर्य बनाए रखें और जांच प्रक्रिया में सहयोग करें।
विज्ञापन
बोले, छात्रावास वार्डन से भी जवाब-तलब करें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के महिला छात्रावास चंद्रभागा में रैगिंग प्रकरण को लेकर मंगलवार को एसएफआई ने प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने छात्रावासों की मुख्य वार्डन और डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसएफआई के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन रैगिंग की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे छात्राओं में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि चंद्रभागा छात्रावास में प्रथम वर्ष की छात्रा को मानसिक रूप से परेशान किया गया और शिकायत के बाद भी छात्रावास प्रबंधन ने तत्काल कोई कदम नहीं उठाया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि वरिष्ठ प्रीफेक्ट को तत्काल निलंबित किया जाए और छात्रावास वार्डन से भी जवाब-तलब करें। एसएफआई ने कहा कि पीड़ित छात्रा को मानसिक और संस्थागत सहयोग दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान एसएफआई के राज्य और विश्वविद्यालय इकाई के अनेक छात्र नेता मौजूद रहे। एसएफआई अध्यक्ष योगी ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र और पारदर्शी जांच नहीं की तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि शिकायत पर जांच एंटी रैगिंग समिति को सौंप दी है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी छात्र संगठनों से अपील की है कि वह धैर्य बनाए रखें और जांच प्रक्रिया में सहयोग करें।
विज्ञापन