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अग्निपथ योजना के खिलाफ एसएफआई का जोरदार प्रदर्शन
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मोदी का पुतला फूंकने को लेकर एसएफआई और पुलिस कर्मियों के बीच हुई खींचतान
केंद्र सरकार के खिलाफ की जमकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। केंद्र सरकार की सेना भर्ती अग्निपथ योजना के विरोध में एसएफआई की राज्य कमेटी ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका।
पुतला फूंकने के दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं और मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों के बीच खूब खींचतान हुई। पुलिस कर्र्मियों की कोशिश थी कि पुतला न फूंकने दिया जाए लेकिन एसएफआई कार्यकर्ताओं के सामने उनकी नहीं चली। पुलिस कर्मियों ने पुतला छुड़ाने की कोशिश भी की लेकिन एसएफआई कार्यकर्र्ता पुतला फूंकने में कामयाब रहे।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार से इस भर्ती योजना को निरस्त करने की मांग की। एसएफआई की राज्य कमेटी के अध्यक्ष रमन थारटा और राज्य सचिव अमित ठाकुर की अगुवाई में यह प्रदर्शन हुआ।
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नई भर्ती योजना देश के
युवाओं के साथ धोखा
यह नीति देश की सुरक्षा के खिलाफ : अमित
केंद्र सरकार से योजना तुरंत निरस्त करने की मांग
शिमला। शहर में डीसी आफिस के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद आम सभा भी हुई। सभा को संबोधित करते हुए अमित ठाकुर ने कहा कि यह नीति युवाओं और देश की सुरक्षा के खिलाफ है। यह युवाओं के साथ धोखा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से अब तक आम जनता से किए वादों को पूरा नहीं किया। सिर्फ देश को बेचने का काम किया है। देश की आम जनता महंगाई और बेरोजगारी की गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि पहले किसान विरोधी कृषि बिल लाए गए। अब युवाओं पर अग्निपथ योजना को थोप दिया है।
रमन थारटा ने कहा कि सिर्फ डिफेंस सर्विस की पेंशन को खत्म करने और सेना में ठेका प्रथा शुरू करने के लिए यह योजना लागू की है। कहा कि पूरे देश में अग्निपथ योजना का विरोध हो रहा है, बावजूद इसके प्रधानमंत्री योजना को वापस नहीं ले रहे। केंद्र सरकार के मंत्री इस योजना के वित्तीय लाभ गिनाकर युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। केंद्र के एक मंत्री सेना को रोजगार का जरिया नहीं मानते वहीं मंत्री हर्षवर्धन अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों को चार साल में लाखों कमाने की बात कर
रहे हैं।
भाजपा नेता चार साल नौकरी करने के बाद अपने ऑफिस में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी का ऑफर देकर सेना के स्वाभिमान को ठेस पहुंचा रहे हैं। कहा कि चार साल सेना में सेवाएं देने वाले अग्निवीरों को किसी तरह की पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ न देकर सिर्फ पूर्व सैनिकों का दर्जा मिलेगा।
केंद्र की कई योजनाएं
गिर चुकी है औंधे मुंह
छात्र नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार पहले भी किसान विरोधी बिल ला चुकी है। इनको भारी विरोध और लंबे आंदोलन के बाद वापस लेना पड़ा था। इससे पूर्व केंद्र सरकार की नोटबंदी जैसी कई योजनाएं औंधें मुंह गिर चुकी हैं जिससे देश का नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार नीदरलैंड की तरह जन प्रतिनिधियों का सेवाकाल भी घटाकर दो साल करे।
चेतावनी दी कि अगर इस योजना को लागू नहीं किया तो एसएफ आई सभी लोगों को एकत्रित कर उग्र आंदोलन करेगी।
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केंद्र सरकार के खिलाफ की जमकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। केंद्र सरकार की सेना भर्ती अग्निपथ योजना के विरोध में एसएफआई की राज्य कमेटी ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका।
पुतला फूंकने के दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं और मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों के बीच खूब खींचतान हुई। पुलिस कर्र्मियों की कोशिश थी कि पुतला न फूंकने दिया जाए लेकिन एसएफआई कार्यकर्ताओं के सामने उनकी नहीं चली। पुलिस कर्मियों ने पुतला छुड़ाने की कोशिश भी की लेकिन एसएफआई कार्यकर्र्ता पुतला फूंकने में कामयाब रहे।
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प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार से इस भर्ती योजना को निरस्त करने की मांग की। एसएफआई की राज्य कमेटी के अध्यक्ष रमन थारटा और राज्य सचिव अमित ठाकुर की अगुवाई में यह प्रदर्शन हुआ।
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नई भर्ती योजना देश के
युवाओं के साथ धोखा
यह नीति देश की सुरक्षा के खिलाफ : अमित
केंद्र सरकार से योजना तुरंत निरस्त करने की मांग
शिमला। शहर में डीसी आफिस के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद आम सभा भी हुई। सभा को संबोधित करते हुए अमित ठाकुर ने कहा कि यह नीति युवाओं और देश की सुरक्षा के खिलाफ है। यह युवाओं के साथ धोखा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से अब तक आम जनता से किए वादों को पूरा नहीं किया। सिर्फ देश को बेचने का काम किया है। देश की आम जनता महंगाई और बेरोजगारी की गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि पहले किसान विरोधी कृषि बिल लाए गए। अब युवाओं पर अग्निपथ योजना को थोप दिया है।
रमन थारटा ने कहा कि सिर्फ डिफेंस सर्विस की पेंशन को खत्म करने और सेना में ठेका प्रथा शुरू करने के लिए यह योजना लागू की है। कहा कि पूरे देश में अग्निपथ योजना का विरोध हो रहा है, बावजूद इसके प्रधानमंत्री योजना को वापस नहीं ले रहे। केंद्र सरकार के मंत्री इस योजना के वित्तीय लाभ गिनाकर युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। केंद्र के एक मंत्री सेना को रोजगार का जरिया नहीं मानते वहीं मंत्री हर्षवर्धन अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों को चार साल में लाखों कमाने की बात कर
रहे हैं।
भाजपा नेता चार साल नौकरी करने के बाद अपने ऑफिस में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी का ऑफर देकर सेना के स्वाभिमान को ठेस पहुंचा रहे हैं। कहा कि चार साल सेना में सेवाएं देने वाले अग्निवीरों को किसी तरह की पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ न देकर सिर्फ पूर्व सैनिकों का दर्जा मिलेगा।
केंद्र की कई योजनाएं
गिर चुकी है औंधे मुंह
छात्र नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार पहले भी किसान विरोधी बिल ला चुकी है। इनको भारी विरोध और लंबे आंदोलन के बाद वापस लेना पड़ा था। इससे पूर्व केंद्र सरकार की नोटबंदी जैसी कई योजनाएं औंधें मुंह गिर चुकी हैं जिससे देश का नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार नीदरलैंड की तरह जन प्रतिनिधियों का सेवाकाल भी घटाकर दो साल करे।
चेतावनी दी कि अगर इस योजना को लागू नहीं किया तो एसएफ आई सभी लोगों को एकत्रित कर उग्र आंदोलन करेगी।