फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   sewrage water supply to shimla city.

शिमला के लोगों को पिलाया जा रहा है सीवरेज का पानी

Sun, 03 Jan 2016 10:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 03 Jan 2016 10:24 AM IST
विज्ञापन
sewrage water supply to shimla city.

राजधानी शिमला के लोगों को पेयजल में सीवरेज का पानी पिलाया जा रहा है। सीवरेज का पानी पीने से शहर के लोग पीलिया की चपेट में आ रहे हैं। शनिवार को नगर निगम की टीम ने मेयर संजय चौहान की अगुवाई में मल्याणा स्थित सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बेहद गंभीर खामियां सामने आई।

विज्ञापन


मेयर संजय चौहान ने बताया कि निरीक्षण के दौरान साफ हो गया है कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाली गंदगी सीधे अश्वनी खड्ड के पानी में मिल रही है। हैपेटाइटिस से बचाव के लिए न तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में और न ही अश्वनी खड्ड परियोजना में कोई प्रयास किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अश्वनी खड्ड का दूषित पानी ही शहर में पीलिया फैलने की मुख्य वजह है।
विज्ञापन


निरीक्षण के दौरान निगम अभियंता विजय गुप्ता, स्वास्थ्य अधिकारी डा. सोनम नेगी, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता विनोद ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। गौरतलब है कि शहर में अचानक पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ने से हड़कंप मचा हुआ है। हर रोज तीस मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मुद्दे में तुरंत हस्तक्षेप करें सीएम
नगर निगम महापौर संजय चौहान ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश जारी करने की मांग की है। संजय चौहान ने कहा है कि यदि सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाती तो यह महामारी का कारण बन सकता है।

बीस दिन में पीलिया के 160 लोग शिकार
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में शनिवार को पीलिया के 30 नए मामले अस्पताल पहुंचे। यह मामले कुसुम्पटी, बीसीएस, विकासनगर, छोटा शिमला और न्यू शिमला से आए। इस एरिया में अश्वनी खड्ड की सप्लाई दी जाती है। ऐसे में दूषित पानीपीने के कारण लोग रोजाना अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

गौरतलब है कि डीडीयू अस्पताल में बीस दिन के भीतर पीलिया के 160 मामले सामने आ चुके हैं लेकिन अभी भी पीलिया मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। डीडीयू अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रंजना राव ने बताया कि अस्पताल पहुंचे मरीजों का उपचार डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है।

2014 का ब्लीचिंग पाउडर

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में 2014 के बने ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल हो रहा है। प्लांट में ब्लीचिंग पाउडर खराब स्थिति में स्टोर किया गया है। फटे हुए बोरों में रखा गया ब्लीचिंग पाउडर इस्तेमाल योग्य नहीं है। मल्याणा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से स्लज (सुखा हुआ मल) उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। सालों से स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में पड़ा है।

क्लोरिनेशन में भी लापरवाही
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकले वाले पानी की क्लोरिनेशन करने में भारी लापरवाही बरती जा रही है। क्लोरीन डालने के नाम पर विभाग महज खानापूर्ति कर रहा है। इससे शहर की जनता के स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। गौरतलब है कि लोग कई दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत कर रहे थे।


हेपेटाइटिस वायरस नहीं जांचा
जलजनित रोगों के मुख्य कारण हेपेटाइटिस ए और ई वायरस की जांच की सुविधा हिमाचल प्रदेश में नहीं है। नगर निगम के पास क्लोरीन और क्लोरोफार्म जांचने की ही सुविधा है। अश्वनी खड्ड के पानी के जो सैंपल भरे जा रहे हैं उनमें क्लोरीन और क्लोरोफार्म जांचने के बाद सही पाई जाती है जबकि पीलिया का मुख्य कारण हेपेटाइटिस ए और ई वायरस है जिसकी जांच ही नहीं हो रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed