सेट टॉप बॉक्स न लगाने वालों के लिए जरूरी खबर, पढ़ना न भूलें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभी तक जिन लोगों ने अपने घरों में सेट टॉप बॉक्स नहीं लगाए हैं उनके लिए बड़ी खबर है। टीवी पर चैनलों का प्रसारण देखने के लिए दर्शकों को अब सेट टॉप बॉक्स लगवाना अनिवार्य होगा। 31 दिसंबर तक 59 शहरी क्षेत्रों में करीब ढाई लाख उपभोक्ताओं के घर ये बॉक्स लगाए जाने हैं। एक जनवरी, 2016 से बिना सेट टॉप बॉक्स टेलीकॉम रेगुलेटरी कमीशन ऑफ इंडिया (ट्राई) एनॉलाग पर प्रसारण बंद कर देगा।
प्रिंसिपल एडवाइजर ब्राडकास्टिंग एंड केबल सर्विस, ट्राई सुनील कुमार गुप्ता ने पुष्टि करते हुए बताया कि इससे ग्राहकों को अच्छा सिग्नल मिलेगा। रसीद मिलेगी और चैनलों का चयन करने का मौका भी मिलेगा। सेट टॉप बॉक्स केबल ऑपरेटर ही लगाएंगे। लोग डीटीएच भी खरीद सकते हैं।
सेट टॉप बॉक्स लगाने से होगा ये फायदा
भारत सरकार ने द केबल टेलीविजन नेटवर्क्स (नियमन) संशोधन बिल 2011 में ये प्रावधान किया है कि सभी टीवी सिग्नलों को डिजिटल स्वरूप में घरों तक पहुंचाना है। डिजिटलाइजेशन के बाद टीवी दर्शकों को सौ रुपये में कम से कम सौ फ्री टू एयर चैनल देखने को मिलेंगे। बॉक्स लगाने से यह आसानी से पता चल सकेगा कि कितने लोग टीवी देख रहे हैं और कौन से चैनल देख रहे हैं।
नहीं चलेंगे दो टीवी, न होगी कर चोरी
एक केबल कनेक्शन पर घर में दो टीवी चलाने वालों के लिए सेट टॉप बॉक्स झटका देगा। इससे सिर्फ एक ही टीवी चलेगा। सभी बॉक्स की अलग-अलग यूनिक आईडी होगी। चैनल के हिसाब से शुल्क देना होगा। अब तक केबल संचालक मर्जी से टैक्स अदा करते रहे हैं जबकि सेट टॉप बॉक्स लगने के बाद उन्हें एक-एक कनेक्शन का टैक्स अदा करना पड़ेगा।
इतने में मिलेगा सेट टॉप बॉक्स
सेट टॉप बॉक्स 1000 से 1500 रुपये का होगा। दर्शक अपनी सुविधा के अनुसार बॉक्स मंगवा सकते हैं। यदि आप भी अपने केबल के साथ सेट टॉप बॉक्स लगवाना चाह रहे हैं तो अपने केबल ऑपरेटर से संपर्क करें।
इन शहरों में होगा डिजिटलाइजेशन
चंबा, डलहौजी, बकलोह, चुवाड़ी, नूरपुर, इंदौरा, धर्मशाला, योल, कांगड़ा, नगरोटा बगवां, देहरागोपीपुर, ज्वालामुखी, पालमपुर, मनाली, कुल्लू, भुंतर, शमशी, बंजार, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, सुंदरनगर, मंडी, रिवालसर, सुजानपुर टीहरा, नादौन, हमीरपुर, भोटा, दौलतपुर, गगरेट, ऊना, मैहतपुर, संतोषगढ़, घुमारवीं, तलाई, नैणादेवी, बिलासपुर, अर्की, नालागढ़, बद्दी, कसौली, परवाणू, डगशाई, सोलन, सुबाथू, राजगढ़, नाहन, पांवटा साहिब, रामपुर बुशहर, झाकड़ी, नारकंडा, जतोग, शिमला, ठियोग, चौपाल, जुब्बल, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कोटखाई और रोहड़ू।