कोर्ट से सांसद अनुराग ठाकुर को मिली बड़ी राहत
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सेशन कोर्ट धर्मशाला ने सांसद अनुराग ठाकुर सहित पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष नरेंद्र अत्री को बड़ी राहत दी है। सेशन जज एसएल शर्मा ने तत्कालीन सीजेएम जसवंत की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट के आदेश रद्द कर दिए हैं। इसके अलावा बेल एंड शियूरिटी बांड जब्त करने के आदेश भी सेशन कोर्ट ने निरस्त कर दिए हैं।
सेशन जज ने मामले की सुनवाई के लिए अब अगली तारीख 6 अप्रैल रखी है। सीजेएम ने 1 अगस्त 2014 को अनुराग ठाकुर सहित पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष नरेंद्र अत्री को गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। विजिलेंस थाने में नारेबाजी मामले को लेकर 1 अगस्त 2014 को सीजेएम कोर्ट धर्मशाला में सुनवाई होनी थी।
आवेदन रद्द कर जारी किए थे गैर जमानती वारंट
इसमें एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा, पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा, वीरेंद्र कंवर, विश्व चक्षु सहित पांच आरोपी सीजेएम कोर्ट में पेश हुए थे। मामले में अन्य दो आरोपी अनुराग ठाकुर और नरेंद्र अत्री कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा के सत्र का हवाला देते हुए हाजिरी से छूट मांगी थी।
पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष नरेंद्र अत्री ने बीमार होने के चलते व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट के लिए आवेदन किया था। न्यायालय ने आवेदनों को रद्द कर गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। इसके बाद अनुराग ठाकुर समेत एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा, पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा सहित वीरेंद्र कंवर, नरेंद्र अत्री सीजेएम कोर्ट में पेश हुए थे।
ये था पूरा मामला
इसी मामले पर कोर्ट ने पांचों आरोपियों से 10-10 हजार रुपये के बेल बाउंड भरवाए थे। इसके बाद अनुराग ठाकुर और पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष नरेंद्र अत्री के खिलाफ सीजेएम कोर्ट धर्मशाला की ओर से जारी गैर जमानती वारंट के आदेशों पर सत्र न्यायाधीश धर्मशाला ने रोक लगा दी थी।
अक्तूबर 2013 में विजिलेंस थाना धर्मशाला में एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को सोसायटी से कंपनी बनाने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि 24 अक्तूबर 2013 को विजिलेंस थाना धर्मशाला में अनुराग ठाकुर समर्थकों सहित नारेबाजी करते हुए पहुंच गए थे।
विजिलेंस ने इसकी शिकायत धर्मशाला थाने में की थी। धर्मशाला पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद पेटी चालान पेश किया था। इसके बाद अनुराग सहित सात लोगों को समन जारी किए गए थे।