सर्वर डाउन होने से नहीं मिल रही बुजुर्गों को पेंशन, डाकघर से लौट रहे खाली हाथ
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हिमाचल प्रदेश के डाकघरों में सर्वर डाउन होने से बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल रही है। वृद्ध लाठी के सहारे पहाड़ों के उबड़-खाबड़ रास्ते पार करते हुए डाकघर पहुंच रहे हैं और वहां से उन्हें खाली हाथ घर लौटाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में इस तरह की समस्या ज्यादा आ रही है।
राज्य में बुजुर्गों, विकलांगों, विधवाओं आदि कई वर्गों के लोगों को सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन दे रही है। ये पेंशन या तो डाकघरों में खोले गए खातों में जा रही है या फिर इसे बैंक खातों में डाला जा रहा है। पहले डाकिए पेंशन घर-घर पहुंचाते थे। अब केवल अस्सी साल से ऊपर की आयु वाले बुजुर्गों के घर ही डाकिए पेंशन पहुंचा रहे हैं।
इससे कम उम्र वालों के लिए ऐसा करना जरूरी नहीं है। ऐसे में 60 से लेकर 79 साल तक के बुजुर्गों को खुद ही डाकघरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बुजुर्ग लोग बीमारी की हालत में भी बार-बार डाकघरों तक पहुंच रहे हैं। उन्हें बैरंग घर भेजा जा रहा है कि डाकघर में कंप्यूटर में डाटा फीड नहीं हो पा रहा है। सर्वर डाउन नहीं चल रहा है।
बुजुर्गों को परेशान करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई : निर्मल सिंह
निदेशक डाक सेवाएं निर्मल सिंह ने बताया है कि बुजुर्गों को परेशान करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अगर बुजुर्ग 80 साल से ऊपर उम्र के हैं तो उनके घर तक हर हाल में पेंशन पहुंचानी होगी और अगर वे इससे कम आयु के हैं और डाकघर जाने में अक्षम हैं तो वे भी किसी संदेशवाहक को डाकघर भेजकर पेंशन एकत्र कर सकते हैं।
निर्मल सिंह ने कहा कि पिछले सप्ताह सर्वर डाउन केवल एक दिन बुधवार हो ही रहा है। डाक कर्मियो को हाथ से चलने वाले उपकरण भी दिए गए हैं। अगर कहीं सिग्नल नहीं है तो वे सिग्नल वाली जगहों पर जाकर भी डाटा फीड कर सकते हैं और पेंशन जारी कर सकते हैं। पेंशन के लिए बजट की भी कोई कमी नहीं है।