फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Second day of President Draupadi Murmu visit to Shimla Himachal Pradesh

President of India: राष्ट्रपति ने देखी अंग्रेजों की बनाई 150 साल पुरानी पेयजल योजना, यहां से निहारी वादियां

Sun, 05 May 2024 07:59 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 05 May 2024 07:59 PM IST
सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शिमला दौरे के दूसरे दिन शिमला कैचमेंट एरिया पहुंची। जहां उन्होंने 150 साल पहले अंग्रेजी शासनकाल के दौरान बनाई गई शिमला की पहली परियोजना देखी। इसके बाद राष्ट्रपति वाया ढली होते हुए कैचमेंट एरिया के लिए रवाना हुईं। सियोग रेस्ट हाउस के पास गाड़ी से उतरने के बाद राष्ट्रपति ने परिवार सहित पैदल चलकर यहां की हरी-भरी वादियां निहारीं। 

विज्ञापन
Second day of President Draupadi Murmu visit to Shimla Himachal Pradesh
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिल्सक्वीन शिमला के पांच दिवसीय दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को परिवार सहित शिमला कैचमेंट एरिया का दौरा किया। उन्होंने करीब 150 साल पहले अंग्रेजी शासनकाल के दौरान बनाई गई शिमला की पहली परियोजना देखी। सुबह करीब 11:30 बजे राष्ट्रपति का काफिला सबसे पहले हसन वैली व्यू प्वाइंट पर पहुंचा। यहां वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रपति को इस अभयारण्य को लेकर जानकारी ली।

विज्ञापन



राष्ट्रपति ने निहारी वादियां
वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने इस क्षेत्र में पाई जाने वाली वन प्रजातियों से भी अवगत करवाया। इसके बाद राष्ट्रपति वाया ढली होते हुए कैचमेंट एरिया के लिए रवाना हुईं। सियोग रेस्ट हाउस के पास गाड़ी से उतरने के बाद राष्ट्रपति ने परिवार सहित पैदल चलकर यहां की हरी-भरी वादियां निहारीं। कच्चे रास्ते और सीढ़ियों से करीब 250 मीटर पैदल चलने के बाद राष्ट्रपति सियोग पेयजल योजना के टैंक के पास पहुंचीं। ढलानदार और कच्चे रास्ते पर राष्ट्रपति के पैदल चलने की तेज रफ्तार देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी भी हैरान रह गए।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन



राष्ट्रपति ने 150 साल पुरानी पेयजल योजना को भी देखा
टैंक के पास मौजूद पेयजल कंपनी के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र सिंह ठाकुर, महाप्रबंधक राजेश कश्यप और एजीएम पीपी शर्मा ने राष्ट्रपति को बुकलेट देकर इस योजना के इतिहास की जानकारी दी। करीब 150 साल पहले अंग्रेजी शासनकाल के दौरान तैयार किए गए इस योजना के टैंक को दिखाते हुए अधिकारियों ने बताया कि यहां 19 चश्मों का पानी इकट्ठा किया जाता था। यह क्षेत्र हरी-भरी वादियों में है, जिससे यहां का पानी सबसे शुद्ध माना जाता है। कंपनी ने इस परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए किए जा रहे कामों की जानकारी भी राष्ट्रपति को दी।




जंगली जानवरों की जानकारी को लेकर उत्सुक दिखीं मुर्मू
इस क्षेत्र में साल 1901 में अंग्रेजों का बनाया कार्ड रूम भी है। बताया जाता है कि यहां पर अंग्रेज कार्ड खेलते थे। राष्ट्रपति ने इसका भी जायजा लिया। वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने इसके इतिहास के बारे में बताया। कहा कि अब पर्यटन की दृष्टि से ही इसका इस्तेमाल हो रहा है। यहां रखा दशकों पुराना फर्नीचर, कुर्सी, टेबल आदि भी दिखाए। राष्ट्रपति विभाग के रेस्ट हाउस भी गईं। यहां करीब आधा घंटे तक रुकीं। इस क्षेत्र में पाए जाने वाले जंगली जानवरों और वन प्रजातियों की जानकारी को लेकर राष्ट्रपति काफी उत्सुक दिखीं। विभाग के अनुसार रेस्ट हाउस में राष्ट्रपति के लिए चाय-पान की व्यवस्था की गई थी। करीब 1:00 राष्ट्रपति का काफिला वापस रवाना हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed