एसडीएम करेंगे महिला को गुफा में दर्शन से रोकने के मामले की जांच
उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में महिला श्रद्धालु को पवित्र गुफा में प्रवेश से रोकने के मामले की जांच शुरू हो गई है। मंदिर कमिश्नर एवं जिलाधीश हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा ने बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन एवं एसडीएम बड़सर को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद महिला श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने से रोकने के मामले की एसडीएम विशाल शर्मा छानबीन करेंगे। महिला श्रद्धालु ने बुधवार बाबा बालक नाथ मंदिर में पवित्र गुफा में प्रवेश का प्रयास किया था। इस दौरान मंदिर में तैनात सिक्योरिटी गार्ड और एक पुजारी ने महिला को पवित्र गुफा में जाने से रोका था।
विवाद के बाद महिला को पवित्र गुफा तक जाने की अनुमति मिली
हमीरपुर निवासी महिला श्रद्धालु ज्योत्सना शर्मा ने मामले की शिकायत मंदिर अधिकारी प्रेम सिंह भाटिया से की थी। करीब एक घंटे तक विवाद के बाद महिला को पवित्र गुफा तक जाने की अनुमति मिली।
वीरवार को पीड़ित पक्ष ने बाबा बालक नाथ मंदिर आयुक्त एवं उपायुक्त से भी शिकायत कर उचित कार्रवाई की गुहार लगाई। अकाउंटेंट एवं टैक्स कंसल्टेंट ज्योत्सना शर्मा का कहना है कि बाबा बालक नाथ मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।
देशभर के कोने-कोने से महिलाएं मंदिर आती हैं, लेकिन इन्हें पवित्र गुफा में प्रवेश से रोकना संवैधानिक अधिकारों का हनन है। देश में जाति, धर्म और लिंगभेद की प्रथा पर सरकारों को अंकुश लगाने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए।
बीते साल महिला अध्यापिका ने किए थे पवित्र गुफा के दर्शन
बीते वर्ष भोटा कस्बा के साथ लगती एक सरकारी स्कूल की महिला अध्यापक ने भी अपनी बेटी के साथ पवित्र गुफा के दर्शन किए थे। इसके बाद चकमोह क्षेत्र के लोगों ने इसके विरोध में मंदिर अधिकारी को ज्ञापन सौंपे थे।
उधर, बीबीएन मंदिर आयुक्त एवं जिलाधीश डॉ. रिचा वर्मा का कहना है कि एसडीएम बड़सर एवं मंदिर के चेयरमैन को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट शीघ्र सौंपने के निर्देश दिए हैं। अगर किसी कर्मचारी की गलती साबित होती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।