बाहरी राज्यों में पढ़ रहे 50 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति रोकी
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बाहरी राज्यों के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हिमाचल के एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग के 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों की साल 2018-19 की छात्रवृत्ति राशि रोक दी गई है। पड़ोसी राज्यों में चल रहे इन शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण करने के बाद ही अब उच्च शिक्षा निदेशालय राशि जारी करेगा।
स्थानीय एसडीएम की अगुवाई में इन संस्थानों के निरीक्षण को विभिन्न टीमें गठित होंगी। छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अफसर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं।
ऐसे में सरकार से शिक्षण संस्थानों के निरीक्षण की निदेशालय ने मंजूरी मांगी है। केंद्र और राज्य सरकार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए छात्रवृत्ति देती हैं।
चंडीगढ़ के संस्थान में चौथे दिन भी सर्च रेड
सीबीआई ने चंडीगढ़ के एक निजी शिक्षण संस्थान में चौथे दिन भी सर्च रेड जारी रखी। सीबीआई दिन भर यहां रिकॉर्ड इकट्ठा करती रही। चंडीगढ़ की इस टीम को छोड़कर सीबीआई की सभी टीमेें शिमला लौट आई हैं। सर्च रेड के दौरान दस्तावेज, फाइलें और हार्ड डिस्क कब्जे में ली हैं।
सीबीआई के ये दस्ते शिमला, चंडीगढ़ और जम्मू स्थित जंाच एजेंसी के कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों के बनाए गए हैं। ऐसा इसलिए किया, क्योंकि शिमला शाखा में स्टाफ कम है। हालांकि शिमला ब्रांच से एक-दो अधिकारी अथवा कर्मचारी इन तमाम संस्थानों में छापेमारी में शामिल रहे।
छात्रवृत्ति के लिए 1.16 लाख आए आवेदन
विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत उच्च शिक्षा निदेशालय के पास अभी तक 1.16 लाख आवेदन आ चुके हैं। मेरिट आधार पर मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि निदेशालय ने जारी कर दी है। प्रदेश में स्थित कई सरकारी और निजी संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भी राशि जारी कर दी है। सिर्फ बाहरी राज्यों में स्थित संस्थानों की राशि फिलहाल रोकी गई है।