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फर्जी तरीके से बांट दीं 30 हजार से ज्यादा छात्रवृत्तियां
Wed, 25 Sep 2019 12:44 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 25 Sep 2019 12:44 PM IST
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ढाई सौ करोड़ से ज्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में जुटी सीबीआई को अब तक 30 हजार से ज्यादा छात्रवृत्तियां फर्जी तरीके से बांटे जाने की जानकारी मिली है। बैंकों और शैक्षणिक संस्थानों के दस्तावेजों की पड़ताल में अब तक यह बात सामने आई है। इस काम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के भी संकेत मिले हैं।
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जिसके बाद ही सीबीआई ने उस वेब पोर्टल का संचालन संभालने वाले तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राज्टा को अपनी जांच के दायरे में लिया था। फिलहाल जांच एजेंसी अधिकारियों की भूमिका और की गई चूक व गलतियों का पूरा खाका तैयार करने में जुटी है। इस काम के पूरा होते ही अफसरों से बिंदुवार पूछताछ का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
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सूत्रों की मानें तो ऐसा भी संभव है कि राज्टा को गवाह के तौर पर सीबीआई इस्तेमाल कर सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अधीक्षक अकेले कोई निर्णय नहीं कर सकता और अधिकारी के निर्देश के बाद अगर कोई काम किया गया है तो उसमें अधिकारी भी लपेटे में आना तय है।
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फिलहाल जांच एजेंसी दस्तावेजी फ्राड के इस मामले में हर कागज को कई कई और कई अधिकारियों की नजरों के सामने से गुजार रही है ताकि एक भी कागज में की गई गलती सीबीआई अधिकारियों की निगाह से चूक न जाए। चूंकि दस्तावेजी फर्जीवाड़े में बचने की संभावना कम होती है, ऐसे में यह तय है कि फर्जीवाड़े के खेल में जिस जिस की कलम से स्याही निकली उसके खिलाफ मामले में सह अभियुक्त के तौर पर चार्जशीट दाखिल होना तय है।