मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को इतने लाख बीमा राशि देगा एसबीआई
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एक जनवरी, 2016 के बाद विभिन्न दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले प्रदेश पुलिस अधिकारियों के आश्रितों को पांच-पांच लाख मुआवजा देगा। यह मुआवजा आश्रितों को पुलिस कर्मियों के एसबीआई में खुले सैलरी अकाउंट के तहत दुर्घटना बीमा की रकम के तौर पर दिया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय की बैंक के आला अधिकारियों के साथ लंबी जद्दोजहद के बाद अब आश्रितों को आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यालय ने सभी पुलिस कर्मियों को सैलरी अकाउंट खुलवाकर उनका नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस कर्मियों की तनख्वाह उनके उपलब्ध कराए बैंक खातों में दी जाती है। खाता किस बैंक में होगा, यह कर्मियों पर निर्भर करता है। मुख्यालय ने कर्मियों से डेडीकेटेड सैलरी अकाउंट खुलवाने की कवायद शुरू की तो पता चला कि अकाउंट खोलने पर कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं।
इनमें एक दुर्घटना बीमा भी था। 2010 के बाद के ज्यादा बैंक खाते एसबीआई के थे। एसबीआई सैलरी अकाउंट का पांच लाख का दुर्घटना बीमा भी करता था। एसपी वेलफेयर भगत सिंह ठाकुर ने दुर्घटना में मारे गए पुलिस कर्मियों के परिजनों की सूची मांगी और बीमा राशि चुकाने के लिए प्रयास शुरू किए।
2016 से पहले के केस के लिए भी कर रहे प्रयास
लंबी खींचतान के बाद एसबीआई ने 1 जनवरी 2016 के बाद दुर्घटना में मृत कर्मियों के परिजनों को पांच लाख की राशि देने पर हामी भरी। डीजीपी सीताराम मरडी ने बताया कि सभी पुलिस अधिकारियों के शत-प्रतिशत सैलरी अकाउंट खुलवाए जा रहे हैं। उन्हें उन बैंक खातों के अधीन मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
एसबीआई से 2010 के बाद और 2016 से पहले दुघर्टना में मारे गए पुलिस अधिकारियों के केस पर भी चर्चा की जा रही है। हालांकि, वह काफी पुराने हैं, जिसकी वजह से बैंक को दिक्कत आ रही है। प्रयास किए जा रहे हैं कि उनके लिए भी बीमा राशि जारी हो सके।