सऊदी अरब: एक युवक भारत भेजा, 11 अब भी जेल में बंद
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सऊदी अरब में वीजा समाप्त होने के बाद आत्मसमर्पण करने वाले 12 में से 11 युवक अभी भी जेल में बंद हैं। रियाद पुलिस ने पंजाब के ओंकार चंद को भारत डिपोर्ट कर दिया है। जेल में बंद दो युवकों की तबीयत खराब है, लेकिन उन्हें उपचार नहीं मिल रहा है। सभी भारी मानसिक दबाव में हैं।
जेल में बंद मंडी के हरजिंद्र सिंह ने यह जानकारी पत्नी सरोज को रविवार को फोन पर दी। उसने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास उनके बारे में जानकारी जुटा रहा है। रविवार को एक अधिकारी उनसे जेल में मिला और बातचीत कर जानकारी एकत्रित की। भारतीय दूतावास के अधिकारी ने बताया कि उनकी रिहाई और वतन वापसी में अभी समय लगेगा।
सरोज ने बताया रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय शिमला से भी फोन आया था। फोन पर अधिकारी ने सऊदी अरब में फंसे लोगों की हरसंभव मदद के बारे में आश्वस्त किया है। प्रदेश सरकार से भी जेल में बंद बीमारों के उपचार के लिए के लिए कहा गया। चार माह पहले हरजिंद्र सहित 14 लोगों को एजेंटों ने 90-90 हजार रुपये लेकर टूरिस्ट वीजा पर इस आश्वासन के साथ सऊदी अरब भेजा था कि तीन माह खत्म होने पर उन्हें वर्क परमिट मिल जाएगा।
लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनसे बंधुआ मजदूरों की तरह काम लिया जाता रहा। वीजा समाप्त होने पर मालिक के चुंगल से किसी तरह छूट कर सभी 14 लोगों ने पुलिस में आत्मसमर्पण किया। इनमें से दो युवकों को मालिक छुड़ाकर ले गया था, जबकि अन्य रियाद जेल में बंद हैं। जहां से एक को पुलिस ने इंडिया डिपोर्ट कर दिया है।