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सतपाल सत्ती तीसरी बार बने भाजपाध्यक्ष, बनाया रिकॉर्ड

Thu, 07 Jan 2016 09:44 AM IST
Updated Thu, 07 Jan 2016 09:44 AM IST
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satpal satti elected BJP president for the third time.

वर्तमान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती को फिर से भाजपा की कमान सौंपी गई है। उन्हें सर्वसहमति से तीसरी बार पार्टी का अध्यक्ष चुना गया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने तीन सांसदों और 17 विधायकों के साथ सत्ती के नाम का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र बरागटा ने भी 20 डेलीगेट के साथ सत्ती को फिर से अध्यक्ष की कमान देने पर सहमति जताई।

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इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय पर्यवेक्षक गणेशी लाल ने सत्ती के अध्यक्ष बनने की घोषणा की। अब भाजपा वर्ष 2017 विधानसभा का चुनाव सत्ती की अध्यक्षता में लड़ेगी। भाजपा में सत्ती के अध्यक्ष बनने का यह सबसे लंबा कार्यकाल होगा। इससे पहले पार्टी में जो भी अध्यक्ष रहे उनका कार्यकाल 3 साल तक का रहा है। ऐसे में सती सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष बने रहेंगे।

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फिर अध्यक्ष बनने के पीछे ये रहा बड़ा कारण

satpal satti elected BJP president for the third time.

सत्ती को तीसरे बार अध्यक्ष बनाने के पीछे संगठन और पार्टी में बेहतर तालमेल होना बताया गया है। सत्ती की अध्यक्षता में भले ही भाजपा विधानसभा चुनाव हारी हो, लेकिन इसके डेढ़ साल बाद भाजपा ने एकजुटता दिखाकर सांसद की चारों सीटों पर कब्जा किया है। जो सत्ती के पक्ष में जाता है।

इसके साथ ही प्रदेश भर में चलाए गए सदस्यता अभियान, अभ्यास वर्ग और मंडल स्तर पर सत्ती की अध्यक्षता में पार्टी को मजबूत करना भी उन्हें सरदारी सौंपे जाने की बात कही गई। डोडरा क्वार को छोड़कर सत्ती ने हिमाचल के हर कोने में भ्रमण कर पार्टी को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि पार्टी की ओर उन्हें जो जिम्मेबारी गई है वह इसे बखूबी निभाएंगे।

पार्टी में बड़े नेता होकर भी उन्हें फिर से अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के सहयोग से भाजपा को आगे बढ़ाया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी भारी बहुमतों से विजयी होगी। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, सभी सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी व प्रदेश परिषद के सभी सदस्य उपस्थित थे।

अध्यक्ष बनने के बाद सत्ती से पूछे गए 5 बड़े सवाल

satpal satti elected BJP president for the third time.

हिमाचल में भाजपा एकजुट है, पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है, महज विचारों में भिन्नता हो सकती है। चुनौतियां एक के लिए नहीं, पार्टी के हर नेताओं के लिए रहती हैं। पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की कतार है। एकजुटता के कारण चुनौतियों का सामना किया जाता है। नव नियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती से अमर उजाला ने पांच तीखे सवाल पूछे। पेश है सतपाल सत्ती से बातचीत के कुछ अंश :

प्रश्न 1- आपको तीसरी बार प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया है? कांग्रेस कहती है भाजपा के पास कोई नया चेहरा नहीं है?
सत्ती - कांग्रेस पार्टी के पास बड़ी फौज है, वह क्यों नहीं दूसरे नेता को अध्यक्ष बनाना चाहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान वीरभद्र सिंह पार्टी के अध्यक्ष थे। उस समय क्यों दूसरे को अध्यक्ष नहीं बनाया। जहां तक अध्यक्ष बनने की बात है, कांग्रेस पार्टी भयभीत है और उसे अपनी हार नजर आ रही है। इस कारण कहा जा रहा है के भाजपा के पास नया चेहरा नहीं है।

प्रश्न 2. प्रदेश भाजपा में तीन गुट हैं। धूमल, शांता और नड्डा। कैसे तालमेल बनाएंगे?
सत्ती - पार्टी में कोई गुट नहीं है। सिर्फ विचारों में भिन्नता होती है। इसे गुट का नाम दिया गया है। पार्टी के तीनों वरिष्ठ नेता मेरे लिए आदर्श हैं। अध्यक्ष रहते हुए तीनों का सहयोग मिलता रहा है। पार्टी को और ऊंचाइयों तक ले जाने में तीनों वरिष्ठ नेताओं का सहयोग मिलेगा। पार्टी को आगे बढ़ाने में जहां दिक्कतें आती हैं। वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श किया जाता है।

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इन सवालों पर ये बोले सती

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सवाल 3. पिछली बार आपके अध्यक्ष रहते हुए मिशन रिपीट चलाया गया था। भाजपा हारी थी, अब वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव के लिए क्या मास्टर प्लान रहेगा?
सत्ती - पार्टी किसी व्यक्ति विशेष के कारण नहीं हारती। यह साझा कार्य होता है। योजनाएं अकेले नहीं बनती हैं, इनमें सबकी राय ली जाती है। अध्यक्ष नहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सहयोग से विधानसभा 2017 का चुनाव लड़ा जाएगा। इस बार भाजपा 50 से ज्यादा सीटें जीतकर आएगी। चुनाव के लिए मास्टर प्लान वरिष्ठ नेताओं के साथ तय होगा।

4. आपको अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने क्षेत्रीय संतुलन को इग्नोर किया है। ऊपरी हिमाचल में भाजपा को वैसे भी कमजोर माना जाता है। ऊपरी हिमाचल से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष क्यों नहीं बनाया गया?
सत्ती - 27 सीटों में से शिमला संसदीय क्षेत्र से भाजपा को 7 सीटें मिली हैं। ऊपरी शिमला और निचला हिमाचल कहना गलत है। पार्टी हिमाचल में मजबूत है। भाजपा ने हिमाचल को कभी नहीं बांटा। जहां तक ऊपरी शिमला के अध्यक्ष की बात है, यह आलाकमान तय करता है।

5. भाजपा ने 50 सीटें जीतने का नारा दिया है? यह कैसे संभव होगा?
सत्ती : लोकसभा चुनाव में भाजपा ने चारों सीटें जीती हैं। हिमाचल में विधानसभा की 68 सीटें हैं। इसके आधार पर ही भाजपा ने 50 सीटें जीतने का नारा दिया है।

खेमेबंदी के कारण फिर खेला सत्ती पर दांव

satpal satti elected BJP president for the third time.

हिमाचल भाजपा में गुटबाजी के चलते भी पार्टी ने अध्यक्ष पद के लिए सतपाल सिंह सत्ती पर फिर से दांव खेला है। अध्यक्ष पद के दावेदारों में एक खेमे की पसंद दूसरे की नापसंद के चलते भाजपा ने तीसरी बार प्रदेश में पार्टी की बागडोर सत्ती को सौंप दी। करीब एक दशक तक एबीवीपी में पूर्णकालिक रहे सतपाल सिंह सत्ती को भी संगठन का पूरा साथ मिला।

पिछले कार्यकाल में सबको साथ लेकर चलने का भी उन्हें इनाम मिला। लंबी जद्दोजहद के बाद प्रदेश में भाजपा ने तीनों बड़े नेताओं प्रेमकुमार धूमल, जेपी नड्डा और शांता कुमार ने सत्ती के नाम पर अपनी सहमति दे दी। हिमाचल भाजपा अध्यक्ष पद के लिए सांसद राम स्वरूप शर्मा, विधायक राजीव बिंदल, रणधीर शर्मा, जयराम ठाकुर, सुरेश भारद्वाज के नाम भी चल रहे थे।

इस बार भाजपा जातीय समीकरणों के आधार पर अध्यक्ष बनाने की योजना पर काम कर रही थी। अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के मद्देनजर धूमल, शांता और नड्डा गुट अपने-अपने लोगों के नाम आगे बढ़ा रहे थे। ऐसे में दावेदारों में कोई एक गुट को पसंद था, तो दूसरे को नहीं। किसी एक नाम पर सहमति न बनते देख पार्टी ने सतपाल सत्ती को ही फिर से यह जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया।

सत्ती के नेतृत्व में भले ही भाजपा विधानसभा चुनाव हार गई थी, लेकिन लोकसभा चुनाव में पार्टी ने सूबे में चारों सीटें जीती। सूत्रों की मानें तो सतपाल सिंह सत्ती धूमल की पहले भी पसंद रहे हैं। एबीवीपी संगठन में लंबे समय तक रहने के कारण जेपी नड्डा भी उनके पक्ष में थे। बीते कार्यकाल में सत्ती ने हर बड़े काम से पहले शांता को भरोसे में लिया था। लिहाजा, उन्होंने भी मौजूदा अध्यक्ष के नाम पर ही सहमति दे दी।

प्रदेश में कब-कौन रहा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष

satpal satti elected BJP president for the third time.

अध्यक्ष=======कार्यकाल
गंगाराम ठाकुर-1980-84
नगीन चंद पाल-1984-86
शांता कुमार-1986-90
महेश्वर सिंह-1990-93
प्रेम कुमार धूमल-1993-98
सुरेश चंदेल-1998-2000
जय कृष्ण-2000-03
सुरेश भारद्वाज-2003-07
जयराम ठाकुर-2007-09
खीमीराम-2009-10
सतपाल सत्ती-2010-12 (मंत्री बनने पर डेढ़ साल के लिए सत्ती को जिम्मेवारी)
सतपाल सत्ती- 2012 -अब तक

ये रहा सत्ती का पूरा प्रोफाइल
-वर्ष 1990 - 1993 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सचिव
-1994-1997 तक राष्ट्रीय सचिव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
-पूर्व कालिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 8 वर्ष तक रहे
-भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रहे
-भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रहे
-2003 में ऊना विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए
-2007 में पुन: ऊना विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने, सरकार में मुख्य संसदीय सचिव बने

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