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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   sanyukt Kisan Manch calls conference of 27 constituent organizations in Shimla on February 28

Kisan Manch:सरकार पर भड़का संयुक्त किसान मंच, 28 फरवरी को शिमला में बुलाया घटक संगठनों का सम्मेलन

Tue, 21 Feb 2023 07:55 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 21 Feb 2023 07:55 PM IST
सार

 संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान का कहना है कि बागवानों की समस्याएं जानने के नाम पर सचिव और निदेशक स्तर की बैठकें कर कोरी औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि बागवानों की मांगों का समाधान मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक बुला कर नीतिगत फैसलों के जरिये हो सकता है।

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sanyukt Kisan Manch calls  conference of 27 constituent organizations in Shimla on February 28
संयुक्त किसान मंच संयोजक व सह संयोजक । - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से बागवानों के हितैषी होने के हवाई दावों पर संयुक्त किसान मंच भड़क गया है। मंच ने आरोप लगाया है कि सचिव स्तर की बैठक के 7 दिन बाद भी न तो मुख्यमंत्री न ही बागवानी मंत्री ने कोई सुध ली है। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान का कहना है कि बागवानों की समस्याएं जानने के नाम पर सचिव और निदेशक स्तर की बैठकें कर कोरी औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि बागवानों की मांगों का समाधान मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक बुला कर नीतिगत फैसलों के जरिये हो सकता है। कांग्रेस सरकार के ढिलमुल रवैये से आहत किसानों के सबसे बड़े संगठन संयुक्त किसान मंच ने 28 फरवरी को शिमला में मंच के सभी 27 घटक संगठनों का सम्मेलन बुलाया है। मंच ने सरकार को चेताया है कि किसान बागवानों की अनदेखी से ही भाजपा ने सत्ता गवाई है, किसानों ने सेब उत्पादक क्षेत्रों की 17 में से 14 विधानसभा सीटें कांग्रेस की झोली में डाली हैं। इसलिए कांग्रेस अब बागवानों को हल्के में लेने की गलती न करे।

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21 जनवरी को मंच ने मुख्यमंत्री को सौंपा था 20 सूत्रीय मांग पत्र
21 जनवरी को मंच ने मुख्यमंत्री को 20 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा भेज कर बागवानों के साथ बैठक आयोजित करने की मांग उठाई थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जवाब में जल्द बैठक आयोजित करने की सूचना दी थी, लेकिन अब तक बैठक नहीं बुलाई गई। बीते साल संयुक्त किसान मंच के आंदोलन को मौजूदा कैबिनेट मंत्री रोहित ठाकुर और विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा, सीपीएस मोहन लाल ब्राग्टा ने समर्थन दिया था। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में भी मंच की मांगों को प्रमुखता से उठाया। सरकार बनाने के बाद अब किसान बागवान संकट के समय में सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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संयुक्त किसान मंच की प्रमुख मांगें
मंडियों में किलो के हिसाब से सेब खरीद की व्यवस्था हो, एपीएमसी कानून सख्ती से लागू किया जाए, खाद, बीज, कीटनाशकों पर अनुदान बहाल किया जाए, बैरियरों पर मार्केट फीस की वसूली बंद हो, कृषि बागवानी सहायक उपकरणों पर अनुदान बहाल हो, बागवानी बोर्ड का गठन किया जाए, सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित हों, फलों सब्जियों की पैकिंग सामग्री से जीएसटी हटाया जाए, कश्मीर की तर्ज पर मंडी मध्यस्थता योजना के तहत ए, बी,सी ग्रेड सेब क्रमश: 60, 44 और 24 रुपये खरीदा जाए।

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