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सरकारी स्कूलों में अब जरूरी होगा ये विषय पढ़ाना
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 18 Aug 2015 09:53 AM IST
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य विषय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री सोमवार को प्रदेश संस्कृत अकादमी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
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उन्होंने चियोग स्थित तुंगेश संस्कृत कॉलेज को सरकारी नियंत्रण में लेने के लिए औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अकादमी के सदस्यों से अपनी गतिविधियां जारी रखने और निरंतर संस्कृत को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
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उन्होंने कहा कि अकादमी की गतिविधियों के संचालन में सरकार धन की कमी नहीं आने देगी। उन्होंने अकादमी सदस्यों से परियोजनाएं बनाकर केंद्र सरकार को सौंपने का आग्रह करते हुए कहा कि भारत सरकार के पास संस्कृत कॉलेजों और अकादमियों के लिए धन की कोई कमी नहीं है।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि अकादमी में नियुक्त किए जाने वाले सचिव की आयु सीमा 65 साल से अधिक नहीं होगी। सचिव को पांच साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाएगा। बैठक में सचिव के दर्जे को भी पूर्ववत रखने की मंजूरी प्रदान की गई। सीएम ने सहायक लाइब्रेरियन और वरिष्ठ सहायक के पद को एक सप्ताह के भीतर भरने के निर्देश दिए।
सीएम ने मासिक पत्रिका दिव्य ज्योति का स्वामित्व अकादमी को हस्तांतरित करने के आदेश दिए। वहीं, अकादमी के द्विवार्षिक शोध पत्रिका के प्रकाशन को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के साथ संयुक्त रूप से प्रकाशित करने की मंजूरी दी। उन्होंने सेमिनार और कार्यशालाओं में भाग लेने वाले शोधार्थियों को दी जाने वाली धनराशि को 400 से बढ़ाकर 500 रुपये करने की घोषणा की।