Shimla: समिट्री की महिला को तीन माह कैद, 13.50 लाख का जुर्माना, जिला अदालत ने सुनाया फैसला
अदालत ने चेक बाउंस मामले में एक महिला को दोषी करार देते हुए कैद की सजा सुनाई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शिमला जिला अदालत ने चेक बाउंस मामले में एक महिला को दोषी करार देते हुए कैद की सजा सुनाई है। इसमें समिट्री निवासी उपासना झीना को तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 13.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। यह मामला 8 अक्तूबर 2018 को संजौली क्षेत्र का है। संजाैली की मीना चंदेल ने दोषी को वित्तीय जरूरतों के लिए 11 लाख रुपये उधार दिए थे। आश्वासन मिला था कि कुछ दिनों में व्यापार लेनदेन से राशि मिल जाएगी और वह इसे वापस कर देगी। लेकिन उधार ली रकम को वापस करने में उपासना विफल रहीं। इस दौरान देनदारी का निर्वहन करने के लिए उसने 6 फरवरी 2019 को 10 लाख रुपये की राशि का चेक जारी किया लेकिन बाउंस हो गया।
इसके बाद महिला को राशि के भुगतान करने के लिए 15 दिन की अवधि के भीतर कानूनी नोटिस जारी किया गया। इस दौरान भी महिला निर्धारित समय के भीतर चेक राशि का भुगतान करने में विफल रही। 12 अगस्त 2023 को शिकायतकर्ता ने एनआई एक्ट के तहत अदालत के समक्ष केस दायर किया था। न्यायालय में केस के दौरान दोनों पक्षों की ओर दलीलें दी गई और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने महिला को दोषी करार देते फैसला सुनाया है।