जंगलों को बचाने के लिए पंचायत की अनूठी पहल, आप भी करेंगे सलाम
- शादी के लिए पेड़ न काटने वालों को पंचायत मुफ्त देगी गैस सिलेंडर
- जंगलों को बचाने के लिए लिया अनोखा फैसला, पंचायत खुद उठाएगी खर्च
- बिलासपुर की सनीहरा पंचायत में प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त को भेजा
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जंगलों को बचाने के लिए हिमाचल की एक पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने वीरवार को ऐतिहासिक फैसला लिया है। शादी समारोह के लिए सरकारी और निजी भूमि से पेड़ न काटने वाले परिवार को पंचायत अपनी ओर से मुफ्त में दो या तीन गैस सिलेंडर देगी।
इसका खर्च पंचायत उठाएगी। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त को भेजने की तैयारी कर ली है। तर्क दिया गया है कि अगर जंगलों को खाली होने से बचाया जाएगा तो जानवर खेतों का रुख नहीं करेंगे। इसमें किसानों का ही दोतरफा भला होगा।
पंचायत के इस प्रयास की ग्रामीण खूब सराहना और सहयोग देने की बात कर रहे हैं। जिला बिलासपुर के झंडूता विकास खंड की ग्राम पंचायत सनीहरा के प्रधान कमल चौहान ने बताया कि जंगलों को बचाने और बिगड़ रहे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए बैठक कर सर्वसम्मति से उक्त फैसला लिया गया है।
वन विभाग देता है एक पेड़, पंचायत तीन सिलेंडर देकर बचाएगी
शादी समारोह में पेड़ न काटने वाले परिवार को पंचायत अपनी ओर से जरूरत के हिसाब से दो या तीन गैस सिलेंडर मुहैया करवाएगी। बैठक में प्रधान के अलावा उपप्रधान रामपाल, सदस्य निक्की देवी, निर्मला देवी, रीना देवी, धर्म सिंह, राज सिंह शामिल थे।
प्रधान कमल ने बताया कि शादियों के कारण धड़ाधड़ जंगल काटे जा रहे हैं। जंगलों के सिकुड़ने से जानवर खेतों की ओर रुख कर रहे हैं। मानवीय दखल के कारण आग की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इसी को देखते हुए उक्त फैसला लिया गया है।
अभी क्या है प्रावधान
वर्तमान में लड़के या लकड़ी की शादी पर बर्तनदारों को वन विभाग की ओर से आवेदन करने पर एक पेड़ दिया जाता है। हलका पटवारी और वन रक्षक पूरी जांच के बाद एक पेड़ काटने की अनुमति देते हैं। अधिकतर लोग निजी जमीन से भी बालन के लिए पेड़ काट लेते हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों ने बैठक कर मुफ्त गैस सिलेंडर देने का प्रस्ताव तैयार किया है। अनुमति के लिए इसे उपायुक्त को भेजा जा रहा है। फैसला सराहनीय है। - सुनीता शर्मा, पंचायत सचिव सनीहरा (बिलासपुर)