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इस दिन से शुरू होगी खतरों और रोमांच से भरी पवित्र श्रीखंड महादेव यात्रा, इन बातों का रखें ध्यान

Wed, 03 Jul 2019 10:21 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आनी (कुल्लू)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आनी (कुल्लू) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 03 Jul 2019 10:21 AM IST
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Sacred Shreekhand Mahadev Yatra filled with dangers and adventures

ऐतिहासिक श्रीखंड यात्रा रोमांच और खतरों से भरी है। 15 जुलाई से यह यात्रा शुरू हो रही है। हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में उत्साह के साथ शामिल होते हैं। निरमंड खंड की 18570 फीट की ऊंचाई पर श्रीखंड चोटी पर भगवान शिव के दर्शन करना कोई आसान काम नहीं।

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35 किलोमीटर उबड़ खाबड़ रास्ते में कई प्रकार के जोखिम है, लेकिन इस सब के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं होती। श्रीखंड महादेव पहुंचने के लिए पहले बागीपुल और जाओं तक वाहनों में पहुंचना पड़ता है।
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इसके बाद करीब 35 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी होती है। डंडाधार, थाचडू, काली टॉप, कालीघाटी, भीम तलाई, कुंशा, भीम डवारी, पर्वती बाग, नैन सरोवर से होकर आगे बढ़ना होता है। 

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मेडिकल चेकअप के बाद पंजीकरण

Sacred Shreekhand Mahadev Yatra filled with dangers and adventures

 इस प्राचीनतम यात्रा के दौरान हर यात्री का सिंहगाड में स्थापित किए जाने वाले बेस कैंप में मेडिकल चेकअप के बाद पंजीकरण किया जाता है । पिछले वर्ष 150 रुपये पंजीकरण फीस थी। पंजीकरण के दौरान श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट की स्मारिका भी हर पंजीकृत यात्री को दी जाएगी।

श्रीखंड यात्रा के दौरान कुंशा में एक विशेष मेडिकल बेस कैंप स्थापित रहता है। श्रीखंड महादेव यात्रा के हर पड़ाव पर अस्थायी शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था रहती है। यात्रा में केवल शारीरिक और मानसिक रूप से फिट व्यक्ति ही जा सकते हैं। 

-यात्रा के दौरान श्रद्धालु जत्थों में जाएं, ये सुरक्षित रहता है। 
-किसी भी प्रकार का नशा लेकर जान जोखिम में ना डालें। 
-यात्रा करने में जल्दबाजी न करें बल्कि धीरे धीरे चढ़ाई चढ़ें। 
-दवाइयां, डंडा, गर्म कपड़े ले जाएं। 

यात्रा के लिए यहां बनाया गया बेस कैंप

Sacred Shreekhand Mahadev Yatra filled with dangers and adventures
वैसे तो श्रीखंड यात्रा पिछले कई दशकों से चली आ रही है लेकिन 2014 में सरकार की ओर से श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट का गठन किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी कई सुविधाएं प्रशासन की ओर से दी जाती हैं। 

श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के अनुसार सिंहगाड बेस कैंप और कुंशा में मेडिकल सहायता कैंप के अलावा भीमडवारी, पार्वती बाग और थाचडू में कैंप बनाए जांएगे। जहां मेडिकल टीमें दवाई और ऑक्सीजन की व्यवस्था के साथ मौजूद रहेंगे। 
 

15 साल से अधिक आयु वाले ही जा पाएंगे यात्रा पर

Sacred Shreekhand Mahadev Yatra filled with dangers and adventures

इस बार श्रीखंड यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की आयु सीमा निर्धारित की गई है। 15 वर्ष से अधिक आयु वाले यात्री ही यात्रा कर सकते हैं। अधिक उम्र के लोगों को उनकी फिटनेस देखकर यात्रा की अनुमति दी जाएगी। वन विभाग को पैदल रास्तों को एक सप्ताह में ठीक करने के आदेश दिए गए हैं।

नशे पर रहेगा प्रतिबंध, पुलिस लगाएगी नाके
श्रीखंड महादेव यात्रा में देशभर के यात्रियों की स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा निश्चित की जाएगी। यात्रा के दौरान नशे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पुलिस निरमंड से बेस कैंप तक नाके लगाएगी। बैठक में विभिन्न कार्यों को लेकर चर्चा की गई।

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