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कार्यालय में नहीं है सूचना कहकर फंस गए एनएचएआई के अफसर

Sat, 14 Jul 2018 01:10 PM IST
रितेश गुलेरिया, अमर उजाला, बिलासपुर
रितेश गुलेरिया, अमर उजाला, बिलासपुर Updated Sat, 14 Jul 2018 01:10 PM IST
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RTI information By NHAI over kiratpur ner chowk four lane Project

किरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण कार्य में लगाई गई बुर्जियों के संबंध में मांगी गई सूचना देने में असमर्थता जताना एनएचएआई के अधिकारियों को महंगा पड़ा है। केंद्रीय सूचना आयुक्त ने एक अपील की सुनवाई के दौरान एनएचएआई के एक अधिकारी को 30 दिन में शपथपत्र जमा करवाने को कहा है।

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इस मामले में अन्य अधिकारियों को चेतावनी देकर कहा गया है कि सूचना देने की प्रक्रिया में देरी को फिर दोहराया जाया तो सख्त कार्रवाई होगी। इस मामले में प्रार्थी मदन लाल शर्मा ने सूचना के अधिकार के तहत केंद्रीय यातायात एवं परिवहन मंत्रालय नई दिल्ली के सचिव को आवेदन किया था।
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इसमें प्रार्थी ने फोरलेन निर्माण में अधिग्रहीत की गई जमीन की दोनों ओर बुर्जियों के संबंध में ब्योरा मांगा था। बुर्जियां किस विभाग ने लगाईं, किस कंपनी को ठेका दिया गया और इस कार्य की पूरी प्रक्रिया क्या थी? यह आवेदन सचिव कार्यालय से जीएम एनएचएआई प्रदीप कुमार, फिर जीएम तकनीकी जीएम एनएचएआई निशु गुप्ता के दफ्तर से आगे भेजा गया।

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उठाए सवाल- क्यों नष्ट की सूचना?

RTI information By NHAI over kiratpur ner chowk four lane Project

पत्र योगेश चंद्रा को भेजकर इस संबंध में जानकारी देने को कहा गया, लेकिन सूचना उपलब्ध कराने के बजाय लिखित में बताया गया कि यह जानकारी कार्यालय में मौजूद नहीं है। इतनी लंबी प्रक्रिया के बावजूद सूचना न मिलने से निराश प्रार्थी ने इस संबंध में केंद्रीय सूचना आयुक्त दिल्ली के पास अपील कर दी।

केंद्रीय सूचना आयुक्त अमीतावा भट्टाचार्य ने अपील का कड़ा संज्ञान लिया और एनएचएआई के तकनीकी जीएम निशु गुप्ता को शपथ पत्र दायर करने को कहा। अब अधिकारी को बताना होगा कि उक्त सूचना को कब नष्ट किया गया। सूचना नष्ट करने के लिए क्या कोई अधिकारी के पास अधिकार हैं?

यह भी बताएं कि इतनी जल्दी इस रिकॉर्ड को नष्ट करने की क्या जरूरत पड़ी?  इसके अलावा सूचना के अधिकार की धारा 6/3 के तहत सूचना पत्र को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में समस्या अनुसार स्थानांतरण न करने पर भी कड़ा संज्ञान लिया गया। संबंधित अधिकारियों को चेताया गया है कि ऐसी गलती फिर से करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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