फ्रेंडशिप पीक: माइनस डिग्री तापमान में बर्फ बन गई रोटी और चने की दाल, जान जोखिम में डाल चलाया बचाव अभियान
फ्रेंडशिप पीक में सुबह और शाम के समय बर्फीली हवाएं चल रही हैं। बचाव दल सदस्यों के अनुसार वहां तापमान जमाव बिंदु तक पहुंच गया है। दल के सदस्य अपने साथ लेकर रोटी और चने की दाल लेकर गए थे, जो ठंड के कारण जमकर यह ठोस हो गए हैं।
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पर्वतारोही की तलाश के लिए जान जोखिम में डालकर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। फ्रेंडशिप पीक में सुबह और शाम के समय बर्फीली हवाएं चल रही हैं। बचाव दल सदस्यों के अनुसार वहां तापमान जमाव बिंदु तक पहुंच गया है। दल के सदस्य अपने साथ लेकर रोटी और चने की दाल लेकर गए थे, जो ठंड के कारण जमकर यह ठोस हो गए हैं। उधर, फ्रेंडशिप पीक में लापता पर्वतारोही आशुतोष की तलाश के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान की एक और टीम वीरवार को फ्रेंडशिप पीक पर जाएगी। हिमस्खलन में रेस्क्यू की तकनीकी जानकारी के लिए तिरंगा माउंटेन बचाव दल (टीएमआर) के तीन सदस्य इस टीम का हिस्सा बनेंगे। दिल्ली से तिरंगा माउंटेन बचाव दल के सदस्यों को खास तौर पर बुलाया गया है।
यह दल हिमस्खलन बचाव एवं प्रशिक्षण के माध्यम से कठिन क्षेत्रों में तैनात सेना के जवानों का जीवन बचाने के लिए कार्य करता है। भारतीय सेना से संबद्ध इस गैर-लाभकारी संगठन की स्थापना 2016 में की गई थी। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान के निदेशक अविनाश नेगी ने बताया कि रात तक टीएमआर के सदस्य मनाली पहुंच जाएंगे। इसके बाद सुबह ही टीम फ्रेंडशिप पीक के लिए रवाना होगी। इसमें लगभग 12 सदस्य होंगे। एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन कुल्लू-मनाली के महासचिव प्रवीण सूद ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तैयारी के साथ किया जाता है। हिमस्खलन का खतरा तो है ही, साथ में बर्फीली हवाएं रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें पैदा कर रही है।