एचपीयू में खूनी संघर्ष: डंडे-पत्थर लेकर एक दूसरे पर टूट पड़े छात्र, 5 घायल
एचपी यूनिवर्सिटी में देर रात छात्र गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। एबीवीपी और एसएफआई के छात्रों के बीच टैगोर हॉस्टल में खूनी झड़प हुई है। दोनों गुटों के कार्यकर्ता पत्थर, डंडे और तेजधार हथियार लेकर एक दूसरे पर टूट पड़े।
दोनों संगठनों में हुए खूनी संघर्ष में एसएफआई के पांच छात्र गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। दोनों ओर से पथराव भी किया गया है। इन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी भेज दिया गया है। छात्र संगठनों में खूनी संघर्ष की सूचना के बाद भारी संख्या में पुलिस दल एचपीयू में पहुंच गई है।
क्यूआरटी भी मौके पर पहुंच गई है। देर रात तक दोनों संगठनों में रूक-रुक खूनी संघर्ष जारी है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मारपीट और पथराव के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
हॉस्टल में घुसकर किया हमला, दौड़ा दौड़ाकर पीटा
एसएफआई ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने देर रात हॉस्टल में घुसकर उनके कार्यकर्ताओं में हमला बोल दिया। हालांकि, एबीवीपी ने हमले के आरोपों को सिरे खारिज करते हुए इसके लिए एसएफआई को जिम्मेदार ठहराया है।
बताया जा रहा है कि कैंपस में दोपहर के समय एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं में किसी बात को विवाद हो गया। यहां मामला शांत हो गया, लेकिन देर रात टैगोर हॉस्टल में दोनों संगठनों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। टैगोर हॉस्टल से शुरू हुआ खूनी संघर्ष पुलिस चौकी तक चलता रहा।
छात्रों ने एक दूसरों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। दोनों तरफ हथियार भी चले हैं। मारपीट में पांच छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें इलाज के लिए आईजीएमसी रेफर कर दिया गया है। एचपीयू के सुरक्षा अधिकारी सुरेश चौहान ने बताया कि टैगोर हॉस्टल में खूनी झड़प हुई है।
चीफ वार्डन हरि मोहन और वार्डन डॉ. भवानी सिंह टैगोर हॉस्टल पहुंचे हैं। देर रात तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। पुलिस के अलावा क्यूआरटी की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी।