हिमाचल: कंदरोड़ी में तैयार होंगी रिवॉल्वर, पिस्टल व शॉटगन, 150 करोड़ से लगेंगी तीन बड़ी औद्योगिक इकाइयां
कांगड़ा जिले के इंदौरा ब्लॉक के तहत कंदरोड़ी औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को लेकर तैयारी शुरू हो गई है।
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अब हिमाचल में रिवॉल्वर, पिस्टल और शॉटगन भी बनेंगी। कांगड़ा जिले के इंदौरा ब्लॉक के तहत कंदरोड़ी औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। जेएंडके की नामी फर्म ने इन प्रोजेक्टों में निवेश की इच्छा जताई है। प्रस्तावित परियोजनाओं के तहत लगभग 50-50 करोड़ की लागत के तीन प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। उद्योग विभाग ने अब प्रस्तामों पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रस्तावित परियोजनाओं को लेकर आगामी प्रक्रिया में विभिन्न विभागीय और नियामकीय मंजूरियां अहम रहेंगी। निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद दोनों औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जाएगा। योजना के अनुसार मंजूरी मिलने के बाद दो वर्ष की समयावधि में परियोजनाओं को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं के लिए हथियार निर्माण से संबंधित आवश्यक लाइसेंस और अन्य अनुमतियां भी जरूरी होंगी, जो गृह मंत्रालय की ओर से दी जाएंगी। विभागीय स्तर पर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रक्रिया शुरू किए जाने से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश की नई संभावनाएं बन सकती हैं।
कंदरोड़ी में 45 छोड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां
कंदरोड़ी इंडस्टिृयल एरिया में 45 के करीब छोड़ी बड़ी औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं, जबकि 15 से 20 इकाइयां पाइपलाइन में हैं। अब हथियार निर्माण के प्रोजेक्ट स्थापित होने से यह क्षेत्र पूरे प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान बनाएगा। यहां लगभग तीन सौ करोड़ लागत का एक बड़ा पेप्सी उद्योग भी संचालित है, जहां स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। पूरे कांगड़ा जिला के 11 औद्योगिक क्षेत्रों में कंदरोड़ी सबसे बड़ा उद्योग हब है।
कोट कंदरोड़ी में प्रस्तावित इन औद्योगिक इकाइयों को लेकर शुरुआती प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगला चरण संबंधित प्राधिकरणों से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करना होगा। इसके बाद निवेशक फर्में निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में काम कर सकेंगी। इन इकाइयों की स्थापना से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। -ओपी जरयाल, महाप्रबंधनक, उद्योग विभाग धर्मशाला