सीएम के वायदे पर नहीं है भरोसा, दिया अल्टीमेटम
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संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ सरकार से अब भी खफा हैं। महासंघ ने सरकार को 15 अगस्त तक पूरी मांगें मानने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा नहीं हुआ तो महासंघ आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।
बुधवार को महासंघ ने आपात बैठक बुलाई है। इसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। पटवारियों ने स्पष्ट किया कि दो मांगें मानने से महासंघ की समस्या हल नहीं होगी।
सरकार को 28 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया है, जब तक सभी मांगों को नहीं माना जाएगा राजस्व अधिकारी पीछे हटने वाले नहीं हैं।
प्रमोशन न मिलने से हैं नाराज
प्रदेश सरकार ने पटवारियों को लंबित बिजली के बिलों का भुगतान के अलावा स्टाफिंग नार्म्स में राहत दी है। लेकिन महासंघ का कहना है कि ये दोनों मांगें सामान्य हैं। पटवारियों की जब से विभाग में तैनाती हुई है, अभी तक एक भी पदोन्नति नहीं मिली है।
28 व 30 साल से पटवारी और कानूनगो पदोन्नति के लिए तरस रहे हैं। महासंघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने कहा कि 10 पास चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पदोन्नत हो कर अधीक्षक पद तक जा सकता है, लेकिन पटवारी उसी पद पर सेवानिवृत्त हो रहा है।
उन्होंने सरकार से अन्य विभागों की तर्ज पर पदोन्नति कोटा मांगा है। पटवारी और कानूनगो ने नायब और तहसीलदार के टेस्ट दिए हैं, लेकिन अभी तक इसका लाभ नहीं मिला है।
मुख्यमंत्री ने दिया था आश्वासन
महासंघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में पटवारियों और कानूनगो की मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था।
पटवारियों के बढ़ते काम को देखते हुए 300 पटवारियों के पद तथा 154 कानूनगो के पद सृजित करने को कहा था। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।
पटवारियों और कानूनगो पर लगातार काम का अतिरिक्त बोझ बड़ता जा रहा है।