{"_id":"9e4ded0a94de750647db33b7d99100a4","slug":"retired-employee-of-postal-department-discussed-their-demands","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोस्टल पेंशनरों का मासिक भत्ता बढ़ाया जाएः संघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोस्टल पेंशनरों का मासिक भत्ता बढ़ाया जाएः संघ
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 30 Jun 2014 09:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय पोस्टल एवं रेलवे मेल सर्विस पेंशनर्स संघ से जुडे़ कर्मचारियों ने मांग की है कि पोस्टल और आरएमएस से सेवानिवृत्त कर्मचारियों का मासिक भत्ता कम से कम 2000 रुपये मासिक किया जाए।
विज्ञापन
यह मात्र 300 रुपये है। गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने की सूरत में इलाज का खर्च रिइंबर्समेंट किया जाए। संघ का प्रथम प्रदेश स्तर का अधिवेशन 29 जून को रोटरी क्लब शिमला में हुआ।
विज्ञापन
इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पोस्टल एवं आरएमएस के पेंशनरों की मुख्य मांगों पर अगली रणनीति बनाई गई। मांग की गई कि पेंशनरों को 65 वर्ष की आयु के बाद मूल पेंशन पर 10 प्रतिशत की वृद्घि की जाए।
विज्ञापन
साथ ही 70 वर्ष के बाद 20 प्रतिशत, 75 साल के बाद 30 प्रतिशत, 80 वर्ष के बाद 50 प्रतिशत, 85 वर्ष के बाद 90 प्रतिशत और 90 साल के बाद 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए।
वर्तमान में मूल वेतन का 50 प्रतिशत वेतन पेंशनरों को देय है। यह कम है। इसलिए मूल वेतन का 70 प्रतिशत मूल वेतन पेंशनरों को दिया जाए। महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत को मूल वेतन में समायोजित किया जाए।
शेष बकाया देय महंगाई भत्ता मूल वेतन में 50 प्रतिशत तत्काल अदायगी की जाए। केंद्र की अधिसूचना के अनुसार सातवें वेतन आयोग का गठन करके सितंबर 2013 के बाद मूल पेंशन के अतिरिक्त 25 प्रतिशत अंतरिम राहत को तत्काल बढ़ोतरी करके अदा करें।