डैम और झीलों में खुलेंगे तैरते हुए रेस्तरां, पर्यटक स्कूबा डाइविंग और नौकायन का ले सकेंगे आनंद
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कश्मीर की विश्व प्रसिद्ध डल झील की तरह प्रदेश के डैम और झीलों में जल्द तैरते हुए रेस्तरां पर्यटकों के लिए खुलेंगे। पर्यटकों सहित स्थानीय लोग इन तैरते हुए रेस्तरां का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा इन झीलों और डैमों में पर्यटक नौकायन से लेकर स्कूबा डाइविंग कर सकेंगे।
सरकार जल्द ही इसके लिए पॉलिसी बनानेे जा रही है। इससे जहां प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, वहीं रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। कश्मीर की डल झील में शिकारे का आनंद लेने के लिए देश-विदेश के पर्यटक कश्मीर जाते हैं, यही सुविधा पर्यटकों को यहां की झीलों और डैमों में भी मिलेगी। इसके अलावा स्कूबा डाइविंग और पानी में स्कूटर चलाने के लिए जहां पर्यटक गोवा और अन्य राज्यों का रुख करते हैं, उन्हें अब ये सब हिमाचल में ही मिलेगा।
सरकार को भेजे गए हैं नियम
सूबे के पंडोह, कोलडैम, पौंग बांध, चमेरा, भाखड़ा बांध सहित अन्य डैमों और झीलों में पर्यटकों को लुभाने वाली ऐसी गतिविधियां जल्द शुरू होंगी। अभी तक सरकार प्रदेश में साल 2002 से सिर्फ रिवर राफ्टिंग ही शुरू करवा पाई है।
पानी के ऊपर व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से रोजगार के अवसर मिलेंगे। लोग हिमाचल में भी पानी के अंदर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर रोजगार चला सकेंगे। प्रदेश की ओर पर्यटकों का रुझान भी बढ़ेगा। इससे प्रदेश सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा।
अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के डायरेक्टर अश्वनी कुमार का कहना है कि सरकार को पानी में होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए संस्थान की ओर से नियम बनाकर भेजे गए हैं। इन नियमों पर सरकार का कानूनी विंग काम कर रहा है। यहां से पास होने के बाद नियम अंतिम मुहर के लिए कैबिनेट में जाएंगे।