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खुलासा! प्रदेश में इस वजह से हो रहे हैं हादसे
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 10 May 2016 12:11 AM IST
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ओवरस्पीड
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वाहनों की ओवरस्पीड से हिमाचल में हादसे हो रहे हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2014 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 3325 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 1403 लोगों की जान गई। यह जानकारी राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद, सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य कमलजीत सोई ने कही।
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उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि कॉमर्शियल वाहनों पर स्पीड गवर्नर लगाए जाने से हिमाचल में हादसों को रोका जा सकता है। सरकार को चाहिए कि वह नामी कंपनियों से इसके लिए आवेदन मांगे। इसमें वाहन चालक निर्धारित स्पीड की अपेक्षा अधिक तेजरफ्तार में वाहन
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नहीं चला सकेंगे। कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर हाल ही के सर्वेक्षण से स्पष्ट है कि राजमार्ग पर तेजरफ्तार वाले कॉमर्शियल वाहन सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौत का मुख्य कारण एक हैं।
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जम्मू, उत्तराखंड की अपेक्षा प्रदेश में ज्यादा हादसे- कमलजीत सोई ने कहा कि तीन राज्यों की बात करें तो जम्मू और उत्तराखंड की अपेक्षा हिमाचल में सबसे ज्यादा हादसे ओवरस्पीड से हो रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के आदेश के पश्चात भी सरकारों ने स्पीड गवर्नर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को प्रयास नहीं किए। चंबा में सर्वाधिक हादसे हो रहे हैं। इसका कारण भी ओवर स्पीड ही है।
चालकों को प्रशिक्षण की जरूरत- कमलजीत सोई कहा कि हिमाचल में कम पढ़े-लिखे चालक होने से भी हादसे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चालकों को प्रशिक्षण देने की जरूरत है। उन्होंने सत्यमेव जयते का हवाला देते हुए कहा है अभिनेता अमीर खान ने भी उनसे हादसे का कारण पूछा था, उसमें भी ओवरस्पीड की बात कही गई।