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आपदा से सबक : बरसात से पहले सुधरेगी राजधानी की निकासी व्यवस्था
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विकास की बात
पिछले साल बरसात में खस्ताहाल ड्रेनेज व्यवस्था से राजधानी में मची थी तबाही, करोड़ों का हुआ था नुकसान
अगले दो महीने में सड़कों के किनारे पक्की होंगी नालियां और नाले, बन रहे कलवट
नगर निगम और लोक निर्माण विभाग कर रहा निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बरसात के मौसम में राजधानी की खस्ताहाल निकासी व्यवस्था अब बड़ी तबाही का कारण नहीं बनेगी। इसके लिए शहर में बने नाले और नालियों को पक्का करने का काम शुरू हो गया है। मानसून सीजन से पहले ही अगले दो महीने के भीतर शहर के कई इलाकों में पक्की नालियां और कलवट तैयार हो जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग और नगर निगम अपनी सड़कों पर बंद पड़ी नालियों को बहाल करने के काम में जुट गए हैं। बीते साल जुलाई से लेकर सितंबर तक हुई भारी बारिश के कारण शिमला शहर में सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था। इसका बड़ा कारण शहर में सड़कों-रास्तों के किनारे पानी की सही निकासी न होना था। कृष्णानगर, खलीनी, पंथाघाटी, समरहिल, अनाडेल, भराड़ी, फागली, कसुम्पटी में बड़े पैमाने पर भूस्खलन भी हुआ था। विकासनगर में एनएच के पानी से हिमुडा काॅलोनी में जमीन धंसने लगी थी। इसके बाद सरकार ने शिमला शहर में ड्रेनेज सिस्टम बेहतर करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए थे। नगर निगम ने कई वार्डाें में नालियों को पक्का करने का काम शुरू कर दिया है। महापौर सुरेंद्र चौहान का कहना है कि इस बार बरसात में नुकसान कम हो, इसके लिए शहर में पानी की निकासी की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
इन सड़कों पर चल रहा काम
शहर में लोक निर्माण विभाग सभी मुख्य सड़कों के किनारे पक्की नालियां तैयार कर रहा है। जहां बड़े नाले हैं, वहां सड़क के नीचे से पक्के नाले तैयार किए जा रहे हैं।
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शोघी वाया टुटीकंडी, खलीनी, विकासनगर से मैहली तक एनएच किनारे पक्की नालियां और कलवट तैयार किए जा रहे हैं। इसका काम आजकल जोरों से चल रहा है। इस पर करीब 17.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा सर्कुलर रोड, मालरोड से छोटा शिमला तक, संजौली से आईजीएमसी, नवबहार से जाखू तक सड़क किनारे पक्की नालियां बनाई जा रही हैं। इससे सड़कों पर बहने वाला पानी नालों में डायवर्ट किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीन वर्मा ने कहा कि सड़कों के किनारे पक्की नालियां तैयार की जा रही हैं।
इनसेट
निगम ने बनाया है 77 करोड़ का प्रस्ताव
राजधानी के सभी वार्डाें में नाले और नालियों को पक्का करने के लिए नगर निगम ने 77 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार को यह प्रस्ताव भेजा गया है ताकि बजट जारी हो सके। इस योजना के लिए पहले पूरे शहर का सर्वेक्षण किया गया है। सभी वार्डाें के नालों और नालियों को इसमें शामिल किया गया है। योजना है कि इन्हें पक्का किया जाए। जहां जरूरत है वहां फेंसिंग हो। शहर के सबसे बड़े कृष्णानगर नाले को पक्का करने का काम पूरा हो गया है।
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पिछले साल बरसात में खस्ताहाल ड्रेनेज व्यवस्था से राजधानी में मची थी तबाही, करोड़ों का हुआ था नुकसान
अगले दो महीने में सड़कों के किनारे पक्की होंगी नालियां और नाले, बन रहे कलवट
नगर निगम और लोक निर्माण विभाग कर रहा निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बरसात के मौसम में राजधानी की खस्ताहाल निकासी व्यवस्था अब बड़ी तबाही का कारण नहीं बनेगी। इसके लिए शहर में बने नाले और नालियों को पक्का करने का काम शुरू हो गया है। मानसून सीजन से पहले ही अगले दो महीने के भीतर शहर के कई इलाकों में पक्की नालियां और कलवट तैयार हो जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग और नगर निगम अपनी सड़कों पर बंद पड़ी नालियों को बहाल करने के काम में जुट गए हैं। बीते साल जुलाई से लेकर सितंबर तक हुई भारी बारिश के कारण शिमला शहर में सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था। इसका बड़ा कारण शहर में सड़कों-रास्तों के किनारे पानी की सही निकासी न होना था। कृष्णानगर, खलीनी, पंथाघाटी, समरहिल, अनाडेल, भराड़ी, फागली, कसुम्पटी में बड़े पैमाने पर भूस्खलन भी हुआ था। विकासनगर में एनएच के पानी से हिमुडा काॅलोनी में जमीन धंसने लगी थी। इसके बाद सरकार ने शिमला शहर में ड्रेनेज सिस्टम बेहतर करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए थे। नगर निगम ने कई वार्डाें में नालियों को पक्का करने का काम शुरू कर दिया है। महापौर सुरेंद्र चौहान का कहना है कि इस बार बरसात में नुकसान कम हो, इसके लिए शहर में पानी की निकासी की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
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इन सड़कों पर चल रहा काम
शहर में लोक निर्माण विभाग सभी मुख्य सड़कों के किनारे पक्की नालियां तैयार कर रहा है। जहां बड़े नाले हैं, वहां सड़क के नीचे से पक्के नाले तैयार किए जा रहे हैं।
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शोघी वाया टुटीकंडी, खलीनी, विकासनगर से मैहली तक एनएच किनारे पक्की नालियां और कलवट तैयार किए जा रहे हैं। इसका काम आजकल जोरों से चल रहा है। इस पर करीब 17.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा सर्कुलर रोड, मालरोड से छोटा शिमला तक, संजौली से आईजीएमसी, नवबहार से जाखू तक सड़क किनारे पक्की नालियां बनाई जा रही हैं। इससे सड़कों पर बहने वाला पानी नालों में डायवर्ट किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीन वर्मा ने कहा कि सड़कों के किनारे पक्की नालियां तैयार की जा रही हैं।
इनसेट
निगम ने बनाया है 77 करोड़ का प्रस्ताव
राजधानी के सभी वार्डाें में नाले और नालियों को पक्का करने के लिए नगर निगम ने 77 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार को यह प्रस्ताव भेजा गया है ताकि बजट जारी हो सके। इस योजना के लिए पहले पूरे शहर का सर्वेक्षण किया गया है। सभी वार्डाें के नालों और नालियों को इसमें शामिल किया गया है। योजना है कि इन्हें पक्का किया जाए। जहां जरूरत है वहां फेंसिंग हो। शहर के सबसे बड़े कृष्णानगर नाले को पक्का करने का काम पूरा हो गया है।