जमीन की रजिस्ट्री के लिए नया नियम, एनजीटी के आदेशों पर लिया फैसला
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जमीन की रजिस्ट्री के लिए सरकार ने नई शर्त लगा दी है। शिमला प्लानिंग एरिया में जमीन के प्लॉट बनाने के बाद ही रजिस्ट्री होगी। प्लॉट की रजिस्ट्री कराने के लिए लोगों को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग का एनओसी भी लेना अनिवार्य किया है।
सचिवालय में राजस्व विभाग, टीसीपी और शहरी विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई। इस इस मामले को सरकार को भेजा जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त आदेश दिए हैं कि टीसीपी के मंजूरी के बिना प्लाट की रजिस्ट्री न हो।
विभाग ने भी राजस्व विभाग को इस बारे पत्र लिखा है। बैठक में टीसीपी एक्ट के प्रावधानों के अलावा प्लानिंग एरिया में निर्माण व प्लाटिंग को नियंत्रित करने के लिए मेमोरेंडम आफ प्रैक्टिस तैयार करने पर भी चर्चा की गई।
इसलिए की गई व्यवस्था
टीसीपी एक्ट के सेक्शन - 16 सी में यह प्रावधान पहले से है लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा था। ऐसे में कोर्ट ने इसे सख्ती से लागू करने को कहा था।बैठक में टीसीपी के निदेशक राजेश्वर गोयल, राजस्व विभाग के अधिकारी प्रवीण टाक के अलावा शहरी विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है कि जमीन की खरीद फरोख्त के चलते लोगों के लिए पैदल चलने वाले रास्ते और सड़क निकालने की गुंजाइश नहीं बचती थी। सीवरेज और पानी की पाइपें ले जाने में भी दिक्कतें पेश होती है। जमीन का विभाजन किए जाने के बाद प्लाट की रजिस्ट्री होने से लोगों को हर सुविधा मुहैया कराई जा सकेगी।