सियासी घमासान में फंसी पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती, अब चुनाव आयोग के जवाब का इंतजार
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हिमाचल पुलिस में एक हजार कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया राजनीतिक दलों की खींचतान के चलते अटक गई है। कुछ दलों ने निर्वाचन आयोग से लिखित शिकायत कर भर्ती प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की थी।
विवाद देख पुलिस मुख्यालय ने भर्ती प्रक्रिया रोक दी। लिखित परीक्षा का परिणाम आने के बाद अब साक्षात्कार होने हैं। आवेदकों की परेशानी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को पत्र लिखकर भर्ती के संबंध में निर्देशित करने को कहा है।
सीईओ कार्यालय ने पुलिस के पत्र को निर्वाचन आयोग दिल्ली को भेज दिया है। अब चुनाव आयोग के जवाब का इंतजार है। पुलिस विभाग ने एक हजार कांस्टेबलों के पद भरने के लिए आवेदन मांगे।
ग्राउंड टेस्ट के बाद दो अक्तूबर को प्रदेश के विभिन्न सेंटरों पर करीब पचास हजार युवाओं ने लिखित परीक्षा दी। परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया गया। सरकार ने एक दिन बाद साक्षात्कार लेने को भी हरी झंडी दे दी।
क्या है साक्षात्कार पर पेच
साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। डीजीपी सोमेश गोयल ने बताया कि साक्षात्कार के लिए चुनाव आयोग से मंजूरी मांगी गई है। मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हिमाचल सरकार अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह बिना साक्षात्कार पुलिस भर्ती कराना चाह रही थी, लेकिन पुलिस रूल्स में सिपाही भर्ती में साक्षात्कार की व्यवस्था है। भर्ती शुरू होते ही पुलिस विभाग ने सरकार को पत्र लिखकर साक्षात्कार को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
सरकार इन नियमों में संशोधन विधानसभा सत्र में ही कर सकती है। जटिल प्रक्रिया होने के चलते सरकार ने साक्षात्कार से ही पुलिस भर्ती का फैसला लिया। इस वजह से भी देरी हुई।